ग्राम पंचायत कुड़वार में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बने शोपीस
स्वच्छ भारत मिशन की योजना कागजों तक सिमटी, ग्रामीणों में रोष
कुड़वार ग्राम सभा के सचिव संतोष पाल ही खंड विकास कुड़वार के एडीओ पंचायत भी हैं लेकिन ग्राम सभा कुड़वार में एक भी सफाई कर्मी भी नहीं है
सुल्तानपुर कुड़वार क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत लाखों रुपये की लागत से स्थापित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र आज बदहाली का शिकार हैं। ग्राम सभाओं को स्वच्छ रखने, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और पुनर्चक्रण के उद्देश्य से बनाए गए ये केंद्र अधिकारियों की उदासीनता के चलते मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं।
स्थिति यह है कि कुड़वार ग्राम सभा के लोग मजबूरी में कूड़ा सड़कों, नालियों, तालाबों और खाली पड़ी जमीनों पर फेंकने को विवश हैं। इससे गांवों में गंदगी फैल रही है और मच्छर-मक्खियों के बढ़ते प्रकोप के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वच्छता के नाम पर संचालित योजनाएं जमीनी स्तर पर निष्क्रिय नजर आ रही हैं।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कूड़ा उठाने की कोई नियमित व्यवस्था नहीं है। इसी कारण लोग घरों के आसपास खाली स्थानों और सड़क किनारे कूड़ा फेंक रहे हैं। कस्बे के निवासियों ने बताया कि तीन-चार माह पूर्व तक कूड़ा गाड़ी प्रतिदिन सुबह घर-घर कूड़ा संग्रह करने आती थी, लेकिन अब उसका आना पूरी तरह बंद हो गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद स्थानीय सचिव द्वारा कूड़ा उठाने के नाम पर प्रतिमाह हजारों रुपये का भुगतान दर्शाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे इस पूरे मामले की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


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