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कन्या सुमंगला योजना में सुल्तानपुर में 12,265 लाभार्थियों को मिली सहायता राशि


सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप चल रही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने सुलतानपुर जिले में हजारों परिवारों की बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे समाज में लड़कियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है और कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है। जिला प्रोवेशन अधिकारी वी.पी. वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सुलतानपुर जिले के कुल 6 श्रेणियों में 7,337 बालिकाओं को योजना का लाभ दिया गया है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 4,928 लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इस प्रकार दोनों वित्तीय वर्षों में कुल 12,265 बेटियों को लाखों रुपये की धनराशि सीधे उनके अभिभावकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है।  मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास को बढ़ावा देना है। योजना छह अलग-अलग श्रेणियों में लाभ प्रदान करती है। इस योजना की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हजारों परिवारों ने समय पर आवेदन कर अपनी बेटियों के लिए इस सहायता का लाभ उठाया है। यह राशि न केवल शिक्षा के खर्च में सहयोग करती है, बल्कि परिवारों में बेटियों को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल से प्रदेश भर में लाखों बेटियां लाभान्वित हो रही हैं। सुलतानपुर जिला इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जहां सरकारी योजनाओं का प्रभाव सीधे आम जनता तक पहुंच रहा है। योजना के तहत पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर(डीबीटी)से किए जा रहे हैं, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश नहीं रहती।

 छह श्रेणियों में मिलता है लाभ

प्रथम श्रेणी - बालिका के जन्म पर 5,000 रुपये,द्वितीय श्रेणी - एक वर्ष पूर्ण होने पर सम्पूर्ण टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये,तृतीय श्रेणी - पहली कक्षा में प्रवेश पर 3,000 रुपये,चतुर्थ श्रेणी - छठी कक्षा में प्रवेश पर 3,000 रुपये,पंचम श्रेणी - नवीं कक्षा में प्रवेश पर 5,000 रुपये,षष्टम श्रेणी - 10वीं/12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक या दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर 7,000 रुपये।इन सभी श्रेणियों को मिलाकर एक बालिका को कुल 25,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। योजना का लाभ अधिकतम दो बेटियों तक सीमित है और परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो।

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