ब्रेकिंग न्यूज

योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित


सुल्तानपुर  जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, जनपद स्तरीय एमडीएम टास्क फोर्स, ऑपरेशन कायाकल्प, एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं सहित शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में परिषदीय विद्यालयों में उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं, निर्माण कार्यों की प्रगति, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता युक्त मध्यान्ह् भोजन उपलब्ध कराये जाने हेतु बिंदुवार एवं गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने डीसी सिविल को निर्देशित किया कि विद्यालयों में कराए जा रहे सिविल निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अथवा शैक्षिक दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विद्यालयों में आयोजित खेलकूद एवं अन्य शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने गत वर्ष आयोजित सभी गतिविधियों की फोटोग्राफ एवं पीपीटी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कार्यों में शिथिलता बरतने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी भदैंया को स्पष्टीकरण जारी करने के भी निर्देश दिए।  जिलाधिकारी ने विद्यालयों में जेण्डर समानता को विशेष महत्व देते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक गतिविधि में छात्र एवं छात्राओं की समान भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों की रसोई में केवल छात्राओं द्वारा भोजन पकाने संबंधी गतिविधि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि इसमें छात्रों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को लैंगिक भेदभाव के दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने विद्यालयों की प्रयोगशालाओं में भी छात्राओं की समान भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी महोदय द्वारा कक्षा-8, 9 व 10 में पढ़ने वाले कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों में आई0आई0टी0 की फाउण्डेशन की तैयारी हेतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आकांक्षा समिति से सहयोग प्राप्त कर व्यवस्था कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में जया ठाकुर केश में पारित आदेश के क्रम में कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया । उक्त के अतिरिक्त सी0एन0डी0एस0 को आवंटित कार्य में तेजी लाये जाने तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिथिल कार्य प्रणाली के सम्बन्ध में स्पष्टीकरण मांगने हेतु कठोरता पूर्वक निर्देशित किया ।माध्यमिक विद्यालयों में संचालित प्रयोगशालाओं की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि लैब विद्यार्थियों की व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए सभी विद्यालयों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करते हुए निजी विद्यालयों के समकक्ष विकसित किया जाए, जिससे छात्र-छात्राओं को प्रयोगात्मक शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सके। उन्होंने सभी विद्यालयों में नियमित रूप से पैरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित कराने तथा अभिभावकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षकों की शिक्षण गुणवत्ता का नियमित निरीक्षण करने तथा कमियां पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।  विद्यालयों की सुरक्षा एवं अवस्थापना सुविधाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने अवशेष जर्जर विद्यालय भवनों का शीघ्र ध्वस्तीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन विद्यालय भवनों एवं अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।   स्कूल चलो अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी  ने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अधिकाधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया। ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाल निर्माण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने भूमि विवाद के कारण लंबित प्रकरणों एवं बाउण्ड्रीवाल से वंचित विद्यालयों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित उपजिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर विद्यालयों से संबंधित लंबित भूमि विवादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण कराया जाए, ताकि बाउण्ड्रीवाल निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों, सुविधाओं, शैक्षिक गुणवत्ता एवं छात्र-छात्राओं की सुविधाओं से जुड़े सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, सुरक्षा, समान अवसर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

कोई टिप्पणी नहीं