अयोध्या, काशी और मथुरा में अलर्ट, धमकी भरे ई-मेल ने बढ़ाई सुरक्षा की चिंता
रामनगरी अयोध्या में स्कूलों और मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। खालिस्तान समर्थक संगठन के नाम से भेजे गए इस धमकी भरे ई-मेल में आगामी 8 नवंबर से 27 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बम धमाके करने की चेतावनी दी गई है। दीपावली के दिन यानी 8 नवंबर को मंदिरों और स्कूलों को निशाना बनाने की धमकी दिए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
अयोध्या के अलावा वाराणसी और मथुरा में भी अलर्ट जारी किया गया है।जानकारी के मुताबिक, अयोध्या के आईसीएसई बोर्ड से संचालित परमा एकेडमी स्कूल की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर यह धमकी भरा संदेश भेजा गया। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। ई-मेल में स्कूलों और धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है। बताया जा रहा है कि अंबेडकरनगर के रेडियंट कॉलेज और नवदीप कॉलेज को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल भेजे गए हैं।ई-मेल में कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम सामने आया है। संदेश में इंजी. गुरुनख सिंह, रौनक शाहवाला और डॉ. गुरुनिरवर सिंह खानरजादा का उल्लेख किया गया है। हालांकि, ई-मेल भेजने वालों की वास्तविक पहचान और संगठन से उनके संबंधों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।धमकी भरे ई-मेल में अयोध्या के जिला न्यायालय को भी निशाना बनाने की बात सामने आई है। इसको गंभीरता से लेते हुए सीजेएम ने एसएसपी को पत्र लिखकर 8 नवंबर से 27 नवंबर तक कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय परिसर में सुरक्षा जांच, निगरानी और सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।धमकी भरे ई-मेल में पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ का भी जिक्र किया गया है। कथित तौर पर उनके प्रत्येक शो को बम और आईईडी विस्फोट से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पहले मुंबई में भी अभिनेता अमिताभ बच्चन के आवास और दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई थी। बताया गया था कि उस मामले में धमकी भरा ई-मेल नॉर्वे से भेजा गया था।फिलहाल स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। ई-मेल किस स्थान से भेजा गया, इसके पीछे कौन लोग हैं और धमकी के पीछे वास्तविक मंशा क्या है, इन सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। साइबर टीम ई-मेल के तकनीकी स्रोत और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी है।दीपावली के मद्देनजर अयोध्या में पहले से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण है। ऐसे में मंदिरों, स्कूलों, न्यायालय और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस-प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया है। हालांकि, अभी तक किसी विस्फोटक की बरामदगी या धमकी की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक तथ्य सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही धमकी की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।दीपोत्सव-2026 को भव्य, दिव्य एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 04 नवंबर 2026 को मंडलायुक्त अयोध्या मंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी अयोध्या एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ नयाघाट पुलिस चौकी पर बैठक की। बैठक में दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन तथा विभिन्न आयोजन स्थलों पर व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक के उपरांत अधिकारियों ने राम की पैड़ी, आरती स्थल नयाघाट सहित दीपोत्सव से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान आयोजन स्थलों पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक सुधार एवं तैयारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए।


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