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आयुष्मान मिशन, मातृ मृत्यु दर व एनीमिया नियंत्रण पर डीएम ने की समीक्षा बैठक


सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में जनपद के समस्त राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधियों के साथ आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृ मृत्यु अनुपात में कमी लाने तथा एनीमिया (रक्ताल्पता) की रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में जनपद स्तरीय बैठक स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित की गई। इस अवसर पर राज्य कार्यक्रम प्रबन्धक, आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन अमरदीप, विकास, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रिंसिपल मेडिकल कालेज, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमएस सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्साधिकारी ने जिलाधिकारी को  पुष्पगुच्छ व पौधा भेंट कर स्वागत किया । बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं डिजिटल बनाने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।  जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में बताया गया कि हमारा हेल्थ सिस्टम सबसे अच्छा है विदेशों की अपेक्षा तथा यहॉ क्वालिटी ट्रीटमेंट होता है। उन्होंने जनपद में 1 माह में 77000 से अधिक ओपीडी करने पर पूरी टीम की सराहना की। जिलाधिकारी ने कहा कि हमें अपने हेल्थ सिस्टम को मजबूत करना है तथा प्रदेश में जनपद की रैंकिंग को टॉप में रखना है और यह तभी सम्भव है जब हम मिलकर एक टीम की तरह पूरी ईमानदारी और दिल से कार्य करेंगे। हमें ए0आई0 को अपनाकर अपनी कार्यक्षमता को और बढ़ाना है। साफ-सफाई, पानी व बिजली व्यवस्था को दुरूस्त रखना है। जिलाधिकारी ने अच्छा कार्य करने वाली सीएचसी जयसिंहपुर, बल्दीराय, दूबेपुर, मोतिगरपुर को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत सभी राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने, मरीजों की आभा आईडी बनाने, आभा आधारित पंजीकरण, ई-प्रिस्क्रिप्शन, डिजिटल लैब रिपोर्ट तथा इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) तैयार करने एवं मरीजों को उनके स्वास्थ्य अभिलेख डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही चिकित्सालयों को हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर), हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) एवं एबीडीएम-सक्षम एचएमआईएस सॉफ्टवेयर के उपयोग के महत्व से अवगत कराया।बैठक में मातृ मृत्यु अनुपात को कम करने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं का समय से पंजीकरण, नियमित प्रसवपूर्व जांच (एएनसी), उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) की समय से पहचान, आवश्यक उपचार एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, जटिल मामलों में समय से रेफरल तथा राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।इसके अतिरिक्त एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, किशोरियों एवं अन्य लक्षित समूहों में एनीमिया की समय से पहचान, हीमोग्लोबिन की नियमित जांच, आयरन एवं फोलिक एसिड की उपलब्धता, उचित पोषण तथा जनजागरूकता बढ़ाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं समस्त राजकीय तथा निजी चिकित्सालयों के आपसी समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को अपनाने तथा मातृ स्वास्थ्य एवं एनीमिया नियंत्रण से संबंधित कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद सुलतानपुर में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना, मातृ मृत्यु के जोखिम को कम करना तथा एनीमिया की रोकथाम के माध्यम से जनसामान्य को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। 


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