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कृषि एवं कृषक कल्याण योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश


सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में कृषि एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री, भूमि एवं जल संरक्षण समिति सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि, जिला उद्यान अधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कृषकगण उपस्थित रहे।बैठक के दौरान करहवा ताल में जलभराव के कारण फसलों को हो रहे नुकसान की समस्या पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी महोदय द्वारा जलभराव को कम करने एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए टीम लगाकर तत्काल प्रभावी कार्यवाही कराई गई थी। इस पर कृषकों ने जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।  कृषकों द्वारा धान की फसल में झुलसा रोग लगने की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि रोग से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए तथा किसानों को फसल संरक्षण एवं रोग से बचाव के उपायों के संबंध में जागरूक किया जाए। उन्होंने इस संबंध में की गई कार्यवाही के फोटो एवं वीडियो भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जनपद में 156 किसानों द्वारा फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्लेम किया गया, जिसमें से 15 किसानों को क्लेम का भुगतान किया गया है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), कृषि विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर शेष अस्वीकृत क्लेम की समीक्षा करने, क्लेम अस्वीकृत होने के कारणों का पता लगाने तथा समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न फसल बीमा योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं सोलर पम्प योजना की भी समीक्षा की गई। कृषकों द्वारा अवगत कराया गया कि सोलर पम्प योजना के अंतर्गत सर्वेयर द्वारा लो-वोल्टेज का हवाला देकर आवेदन निरस्त कर दिए जाते हैं, जिससे किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को ऐसे प्रकरणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।फार्मर रजिस्ट्री एवं खाद्य वितरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी  ने निर्देशित किया कि खाद्य वितरण केन्द्रों पर फार्मर रजिस्ट्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी किसान को फार्मर रजिस्ट्री न होने के कारण खाद्य वितरण केन्द्र से बिना खाद्य सामग्री लिए वापस न लौटना पड़े। उन्होंने किसानों को योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  कृषकों द्वारा वरासत, अंश निर्धारण, जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र बनवाने में लेखपालों की हड़ताल के कारण आ रही कठिनाइयों से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी  ने आश्वस्त किया कि अति आवश्यक प्रकरणों में प्रमाण पत्र निर्गत किए जा रहे हैं तथा हड़ताल को शीघ्र समाप्त कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।  आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान की समस्या पर जिलाधिकारी  ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवारा पशुओं को पकड़कर निकटतम गौशाला अथवा कांजी हाउस में पहुंचाया जाए तथा किसानों की इस समस्या का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिला कृषि अधिकारी द्वारा जनपद में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। वहीं कृषकों द्वारा फसलों के बीज समय से उपलब्ध न होने की समस्या उठाई गई। किसानों ने बताया कि कई बार फसल का सीजन समाप्त होने के बाद बीज उपलब्ध होता है। जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि किसानों को उनकी आवश्यकता एवं फसल के सीजन के अनुरूप समय से गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जाए।  पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जनपद को 12 परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष 05 परियोजनाओं पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है। जिलाधिकारी  ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता अभियान के माध्यम से लक्ष्य को और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि योग्य भूमि के विकास एवं किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान एकीकृत बागवानी के अंतर्गत केला, आंवला, अमरूद सहित विभिन्न फसलों की बागवानी एवं उत्पादन बढ़ाने के संबंध में विभिन्न कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में एक कृषक द्वारा क्षेत्र में हल्दी की खेती की बेहतर संभावनाओं से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी महोदय ने कृषकों को हल्दी की खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस दिशा में कृषक आगे आएं, प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषकों की किसी भी समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए उसका समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि एवं कृषक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी एवं सुगम तरीके से पहुंचना चाहिए। जिलाधिकारी महोदय ने अगली समीक्षा बैठक 05 नवम्बर 2026 को आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

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