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निःशुल्क राशन के लिए मोबाइल खरीदना अनिवार्य नहीं, भ्रामक सूचनाओं से बचें: खाद्य आयुक्त


लखनऊ उत्तर प्रदेश के खाद्य आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अंतर्गत पात्र राशनकार्ड धारकों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था पूर्ववत सुचारु रूप से संचालित है। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर निःशुल्क राशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को पहले मोबाइल फोन खरीदने तथा ओटीपी सत्यापन कराने की अनिवार्यता संबंधी प्रसारित सूचनाएँ पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं। विभाग द्वारा ऐसी किसी नई अनिवार्य व्यवस्था को लागू नहीं किया गया है।खाद्य आयुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी, सुलभ एवं लाभार्थी-केंद्रित बनाए रखते हुए प्रत्येक पात्र परिवार तक निर्धारित मात्रा में निःशुल्क खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए उचित दर की दुकानों पर स्थापित ई-पॉस मशीनों के माध्यम से आधार आधारित बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण कर खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि खाद्यान्न वितरण के दौरान लाभार्थी का बायोमीट्रिक कैप्चर कर यूआईडीएआई सर्वर से मिलान किया जाता है। प्रमाणीकरण सफल होने पर संबंधित राशनकार्ड पर अनुमन्य खाद्यान्न तत्काल उपलब्ध करा दिया जाता है। यदि किसी कारणवश बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण सफल नहीं होता है, तो उसी दिन दो अतिरिक्त प्रयासों की सुविधा दी जाती है।खाद्य आयुक्त ने बताया कि तीनों बार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण असफल होने की स्थिति में लाभार्थी का आईरिस स्कैन कर आधार प्रमाणीकरण किया जाता है। आईरिस स्कैन का मिलान सफल होने पर लाभार्थी को खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया जाता है। यदि तीन बायोमीट्रिक प्रयासों तथा एक आईरिस स्कैन के बाद भी प्रमाणीकरण सफल नहीं होता है, तो संबंधित राशनकार्ड में सम्मिलित परिवार का कोई अन्य सदस्य निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।खाद्य आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 की मूल भावना प्रत्येक पात्र व्यक्ति की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से वृद्धजन, दिव्यांगजन तथा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त ऐसे लाभार्थियों के लिए, जो बायोमीट्रिक अथवा आईरिस स्कैन कराने में असमर्थ हैं, ओटीपी आधारित खाद्यान्न वितरण की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है।उन्होंने बताया कि ऐसे राशनकार्ड धारकों के लिए प्रत्येक वितरण चक्र के अंतिम दिन विभागीय पोर्टल पर पूर्व से पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की गई है। यह विशेष परिस्थितियों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संचालित वैकल्पिक व्यवस्था है, न कि सभी राशनकार्ड धारकों के लिए अनिवार्य प्रक्रिया।खाद्य आयुक्त ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि निःशुल्क खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए किसी भी राशनकार्ड धारक को नया मोबाइल फोन खरीदने की आवश्यकता नहीं है। जिन लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार प्रमाणीकरण संभव नहीं हो पाता है, उनके लिए विभागीय पोर्टल पर ओटीपी आधारित वितरण हेतु मोबाइल नंबर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।उन्होंने बताया कि ओटीपी आधारित खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था प्रदेश में वर्ष 2017 से संचालित है। यह कोई नई व्यवस्था नहीं है। सोशल मीडिया पर इसे नई अनिवार्यता के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से गलत है तथा इससे आमजन में अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।खाद्य आयुक्त ने सितंबर 2026 के खाद्यान्न वितरण के आँकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 3,41,69,420 राशनकार्डों पर खाद्यान्न वितरण किया गया, जिनमें से मात्र 83,093 राशनकार्डों पर ओटीपी आधारित वितरण हुआ। यह संख्या कुल वितरण के सापेक्ष अत्यंत नगण्य है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में अधिकांश राशनकार्ड धारकों को सामान्य आधार प्रमाणीकरण प्रणाली के माध्यम से ही निःशुल्क खाद्यान्न प्राप्त हो रहा है।खाद्य आयुक्त ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के हितों का संरक्षण विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। वृद्ध, दिव्यांग, अस्वस्थ अथवा तकनीकी कारणों से आधार प्रमाणीकरण में कठिनाई का सामना करने वाले लाभार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राशन वितरण व्यवस्था के संबंध में आमजन को सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं का प्रभावी खंडन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी जनपदों में उचित दर विक्रेताओं एवं विभागीय अधिकारियों के माध्यम से लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरण की वास्तविक प्रक्रिया से अवगत कराया जाए।खाद्य आयुक्त ने आमजन से अपील की है कि वे निःशुल्क राशन वितरण के संबंध में किसी भी प्रकार की अपुष्ट अथवा भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। विभाग द्वारा संचालित व्यवस्था में राशन प्राप्त करने के लिए मोबाइल फोन खरीदने की कोई अनिवार्यता नहीं है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी पात्र लाभार्थी खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित न रहे, इसके लिए विभाग पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। लाभार्थियों की सुविधा एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।खाद्य आयुक्त ने पुनः स्पष्ट किया कि निःशुल्क राशन वितरण की मौजूदा व्यवस्था में मोबाइल फोन खरीदने की कोई बाध्यता नहीं है तथा प्रदेश के पात्र राशनकार्ड धारकों को नियमानुसार निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता रहेगा।

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