तिकोनिया पार्क प्रकरण पर BJP जिलाध्यक्ष सख्त, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
सुलतानपुर शहर के तिकोनिया पार्क में शुक्रवार को यूट्यूबर संजय यदुवंशी के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित अराजकता, अभद्रता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने और सार्वजनिक स्थलों पर हंगामा करने की किसी को छूट नहीं दी जा सकती।
प्रशासन को मामले के सभी पहलुओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करनी चाहिए।भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने संजय यदुवंशी और उनके समर्थकों पर लगाए गए अभद्रता, तोड़फोड़ तथा अराजकता के आरोपों की निंदा करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों की गरिमा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम में बाहरी जिलों से बड़ी संख्या में युवाओं को बुलाया गया और 16 से 17 वर्ष की उम्र के किशोरों को भी इसमें शामिल कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की गहन जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की।सुशील त्रिपाठी ने तिकोनिया पार्क में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि धारा 163 लागू होने के बावजूद इतनी बड़ी भीड़ कैसे जुट गई? क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी? यदि प्रतिबंधों के बावजूद भीड़ एकत्र हुई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से शहर की शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा पैदा होता है। प्रशासन को यह पता लगाना चाहिए कि भीड़ जुटाने में किन लोगों की भूमिका थी और प्रदर्शन के दौरान कथित अराजकता तथा तोड़फोड़ की घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार संजय यदुवंशी के खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। अमहट में एक युवक के साथ मारपीट के मामले में भी उनके और अन्य आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर हत्या के प्रयास से संबंधित धारा जोड़े जाने की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने के बजाय तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। कानून का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।सुशील त्रिपाठी ने प्रदर्शन के दौरान स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के स्थल के अपमान और तिकोनिया पार्क में तोड़फोड़ किए जाने के सामने आए आरोपों को गंभीर बताते हुए उनकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक स्थलों की गरिमा को ठेस पहुंचाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि जांच में यदि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून का उल्लंघन करने की पुष्टि होती है, तो दोषियों से नियमानुसार क्षतिपूर्ति वसूलने के साथ ही उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।भाजपा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो कानून के शासन को मजबूत करे और सार्वजनिक स्थलों पर अराजकता फैलाने वालों को स्पष्ट संदेश दे। उन्होंने प्रशासन से बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया।इस दौरान तिकोनिया पार्क में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह, डॉ. सुधाकर सिंह, आलोक आर्य, विजय त्रिपाठी, संदीप सिंह, भाजपा जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी, अयोध्या प्रसाद वर्मा, रामेंद्र प्रताप सिंह, अखिलेश जायसवाल, आशीष सिंह रानू, चन्दन नारायणन सिंह, मनोज श्रीवास्तव और प्रमोद मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार संजय यदुवंशी के खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। अमहट में एक युवक के साथ मारपीट के मामले में भी उनके और अन्य आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर हत्या के प्रयास से संबंधित धारा जोड़े जाने की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने के बजाय तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। कानून का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।सुशील त्रिपाठी ने प्रदर्शन के दौरान स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के स्थल के अपमान और तिकोनिया पार्क में तोड़फोड़ किए जाने के सामने आए आरोपों को गंभीर बताते हुए उनकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक स्थलों की गरिमा को ठेस पहुंचाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि जांच में यदि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून का उल्लंघन करने की पुष्टि होती है, तो दोषियों से नियमानुसार क्षतिपूर्ति वसूलने के साथ ही उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।भाजपा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो कानून के शासन को मजबूत करे और सार्वजनिक स्थलों पर अराजकता फैलाने वालों को स्पष्ट संदेश दे। उन्होंने प्रशासन से बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया।इस दौरान तिकोनिया पार्क में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह, डॉ. सुधाकर सिंह, आलोक आर्य, विजय त्रिपाठी, संदीप सिंह, भाजपा जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी, अयोध्या प्रसाद वर्मा, रामेंद्र प्रताप सिंह, अखिलेश जायसवाल, आशीष सिंह रानू, चन्दन नारायणन सिंह, मनोज श्रीवास्तव और प्रमोद मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
शहर के तिकोनिया पार्क में शुक्रवार को हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। नगर पालिका के एक लिपिक, भारत विकास परिषद तथा एक अन्य व्यक्ति की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर यूट्यूबर संजय यदुवंशी और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। प्रकरण में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पार्क में हुए घटनाक्रम को लेकर कानूनी कार्रवाई की गई है।




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