जिला आकांक्षा समिति के स्वास्थ्य शिविर में 425 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ
सुल्तानपुर जिला आकांक्षा समिति के तत्वावधान में पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिला आकांक्षा समिति की अध्यक्ष मनजोत कौर द्वारा की गई। उक्त कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला आकांक्षा समिति, अध्यक्ष द्वारा फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम जिला आकांक्षा समिति अध्यक्ष ने गोदभराई एवं अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराए गए, जिसके माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण के महत्व का संदेश दिया । इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुक्ता त्यागी, सचिव जिला आकांक्षा समिति एवं उप जिलाधिकारी मंजुल मयंक, मेनेंजिंग डायरेक्टर सुमन हॉस्पिटल सुमन सिंह, सदस्य जिला आकांक्षा समिति इन्दु भूषण, नेहा सिंह, नीलिमा गुप्ता , शिवांगी सिंह, पैथोलॉजिस्ट स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय , डॉ. जे.पी. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण सहित अन्य सम्बन्धित उपस्थित रहे।
शिविर का मुख्य उद्देश्य आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर तथा वंचित वर्ग की महिलाओं एवं किशोरियों तक स्वास्थ्य सेवाओं एवं सरकारी योजनाओं की पहुच सुनिश्चित करना रहा। उक्त स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं एवं आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में जिला आकांक्षा समिति, अध्यक्ष ने सम्बोधित करते हुए शिविर के आयोजन के उद्देश्य एवं इसके माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शिविर में अपनी समस्याओं, एवं आवश्यकताओं को खुलकर साझा करें तथा संबंधित विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकती हैं। इस दौरान उपस्थित महिलाओं ने भी अपने-अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। एक महिला अध्यक्ष के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सुझाव दिया कि इस प्रकार के शिविरों का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए, ताकि गांवों में रहने वाली महिलाएं जो शहर आने में असमर्थ है, को भी स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इसी प्रकार अन्य महिलाओं ने भी अपनी समस्याओं एवं सुझावों को साझा करते हुए संवाद में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुनने तथा उन्हें उपलब्ध सुविधाओं एवं योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विषयों पर उद्बोधन दिया गया। इस दौरान मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण, संचारी रोगों की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य, आयुष्मान कार्ड, फैमिली प्लानिंग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, महिला स्वास्थ्य, बाल रोग तथा गैर-संचारी रोगों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। उक्त शिविर में विशेषज्ञ डॉ0 सुजीत द्वारा मातृ स्वास्थ्य पर, डॉ0 रंजना द्वारा टीबी से संबंधित विषय पर, डॉ. जे.पी. सिंह द्वारा स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर डॉ0 बंशीलाल द्वारा संचारी रोग पर अपने-अपने उद्बोधन से उपस्थित महिलाओं/मातृ शक्तियों को जागरूक किया। इसी प्रकार श डॉ0 सविता वर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य, डॉ0 लालजी ने आयुष्मान कार्ड, सीमा ने फैमिली प्लानिंग तथा संबंधित विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण, महिला रोग, बाल रोग एवं फिजिशियन सेवाओं के विषय में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाकर महिलाओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय परामर्श, सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा पात्रतानुसार लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया ।
उक्त स्वास्थ्य शिविर के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा किशोरियों के स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर जागरूकता एवं परामर्श प्रदान किया । संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, संतुलित आहार अपनाने तथा समय-समय पर आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया। शिविर में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, श्रम विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड, श्रमिक पंजीकरण एवं ई-श्रम, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा वृद्धावस्था एवं दिव्यांगजन पेंशन सहित अन्य पात्रताधारित योजनाएं शामिल रहीं। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के लिए आवेदन करने, आवश्यक अभिलेखों की जानकारी प्राप्त करने तथा पंजीकरण की प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। उक्त स्वास्थ्य शिविर में आयुष्मान कार्ड के अन्तर्गत 408 लाभार्थियों का पंजीयन किया गया एवं 57 आयुष्मान कार्ड बनाये गये। 72 लाभार्थियों की आभा आईडी बनाई गई। स्वास्थ्य जांच- 151 लाभार्थियों के रक्त की जांच की गई, जिसमें 15 शुगर के मरीज तथा 05 खून की कमी से ग्रसित मरीज चिह्नित हुए। 128 लाभार्थियों को बीपी, शुगर, कैंसर आदि बीमारियों के संबंध में जानकारी दी गई। परिवार कल्याण (फैमिली प्लानिंग) 111 लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई। क्षयरोग विभाग द्वारा 107 लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई। संचारी रोग के 85 लाभार्थियों को संचारी रोगों से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। महिला रोग विभाग द्वारा 53 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं।नेत्र विभाग द्वारा 42 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत 39 लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई तथा मासिक धर्म एवं स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी गई। अस्थि रोग विभाग द्वारा 30 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। एक्स-रे जांच- 28 लाभार्थियों का एक्स-रे किया गया। दंत विभाग द्वारा 15 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। नाक, कान एवं गला विभाग द्वारा 14 लाभार्थियों को परामर्श दिया गया। ईसीजी जांच-12 लाभार्थियों की ईसीजी की गई। मानसिक स्वास्थ्य- 07 लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई। बलगम जांच- 08 लाभार्थियों की बलगम जांच की गई। होम्योपैथिक विभाग द्वारा 190 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा 151 लाभार्थियों को विभागीय सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 15 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। आयुर्वेद विभाग द्वारा 50 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। श्रम विभाग द्वारा 35 लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई।इस अवसर पर समस्त संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
उक्त स्वास्थ्य शिविर के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा किशोरियों के स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर जागरूकता एवं परामर्श प्रदान किया । संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, संतुलित आहार अपनाने तथा समय-समय पर आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया। शिविर में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, श्रम विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड, श्रमिक पंजीकरण एवं ई-श्रम, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा वृद्धावस्था एवं दिव्यांगजन पेंशन सहित अन्य पात्रताधारित योजनाएं शामिल रहीं। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के लिए आवेदन करने, आवश्यक अभिलेखों की जानकारी प्राप्त करने तथा पंजीकरण की प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। उक्त स्वास्थ्य शिविर में आयुष्मान कार्ड के अन्तर्गत 408 लाभार्थियों का पंजीयन किया गया एवं 57 आयुष्मान कार्ड बनाये गये। 72 लाभार्थियों की आभा आईडी बनाई गई। स्वास्थ्य जांच- 151 लाभार्थियों के रक्त की जांच की गई, जिसमें 15 शुगर के मरीज तथा 05 खून की कमी से ग्रसित मरीज चिह्नित हुए। 128 लाभार्थियों को बीपी, शुगर, कैंसर आदि बीमारियों के संबंध में जानकारी दी गई। परिवार कल्याण (फैमिली प्लानिंग) 111 लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई। क्षयरोग विभाग द्वारा 107 लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई। संचारी रोग के 85 लाभार्थियों को संचारी रोगों से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। महिला रोग विभाग द्वारा 53 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं।नेत्र विभाग द्वारा 42 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत 39 लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई तथा मासिक धर्म एवं स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी गई। अस्थि रोग विभाग द्वारा 30 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। एक्स-रे जांच- 28 लाभार्थियों का एक्स-रे किया गया। दंत विभाग द्वारा 15 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। नाक, कान एवं गला विभाग द्वारा 14 लाभार्थियों को परामर्श दिया गया। ईसीजी जांच-12 लाभार्थियों की ईसीजी की गई। मानसिक स्वास्थ्य- 07 लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई। बलगम जांच- 08 लाभार्थियों की बलगम जांच की गई। होम्योपैथिक विभाग द्वारा 190 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा 151 लाभार्थियों को विभागीय सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 15 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। आयुर्वेद विभाग द्वारा 50 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। श्रम विभाग द्वारा 35 लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई।इस अवसर पर समस्त संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।




कोई टिप्पणी नहीं