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सुल्तानपुर के पंडालों में लाई गईं गणपति प्रतिमाएं, गणेश चतुर्थी से 10 दिन चलेगा महोत्सव


सुल्तानपुर जिले में गणपति बप्पा की प्रतिमाएं शहर के पंडालों में पहुंचनी शुरू हो गई हैं। शनिवार देर रात कई पंडालों में प्रतिमाएं लाई गईं। सोमवार को गणेश चतुर्थी से यहां दस दिनों तक विशेष कार्यक्रम होंगे। इस दौरान जगह-जगह भक्तों के लिए भंडारे भी लगाए जाएंगे।शहर के चौक से सटे मेजरगंज में इस बार गणेशोत्सव खास होने वाला है। शनिवार रात यहां पहली बार पुणे के प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की गई है। भक्त गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा को पंडाल तक लाए। इस दौरान उनके साथ जेसीबी भी थी।14 सितंबर से शुरू होने वाले इस उत्सव के लिए श्री प्रथम गणेश पूजा समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 10 दिन तक चलने वाले महोत्सव के लिए शनिवार को पंडाल सजकर तैयार हो गए हैं। उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस उत्सव में मराठी समाज के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।समिति के अध्यक्ष सिद्धू काले ने बताया कि पांच फीट की प्रतिमा पुणे से खास तौर पर मंगाई गई है। इस प्रतिमा की लागत 45 हजार रुपये है। प्रतिदिन सुबह नौ बजे और शाम आठ बजे पूजा-अर्चना की जाएगी।श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और पूजा की व्यवस्था की गई है। समिति ने शहरवासियों से परिवार सहित पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन करने की अपील की है।महाराष्ट्र के बालकृष्ण पुजारी साल 1970 में व्यापार के लिए सुल्तानपुर आए थे। उन्होंने यहां सराफा कारोबार शुरू किया। कारोबार बढ़ने पर उन्होंने महाराष्ट्र से दूसरे लोगों को भी यहां बुलाया। साल 1974 में उन्होंने शहर के मेजरगंज में पहली बार गणेश उत्सव कराया था। इसी के साथ श्री प्रथम गणेश पूजा समिति की नींव रखी गई। बालकृष्ण पुजारी इस समिति के संस्थापक हैं।अब शहर के राहुल चौराहा, शास्त्री नगर, विवेक नगर, गोलाघाट और दूसरे कई स्थानों पर भी गणपति की प्रतिमाएं रखी जाती हैं। दस दिन के कार्यक्रम के बाद सीता कुंड घाट पर प्रतिमा विसर्जित की जाती है।

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