लखनऊ के विकास में सीएम योगी का सबसे बड़ा सहयोग : राजनाथ सिंह
लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में हुए विकास कार्यों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे बड़ा सहयोग रहा है। मुख्यमंत्री ने जो कहा, उसे पूरा करके दिखाया है। लखनऊ के प्रत्येक विकास कार्य में उन्होंने दिल खोलकर सहयोग किया और समय-समय पर उसकी समीक्षा भी की। केंद्र और राज्य सरकार की सोच जब एक दिशा में होती है तो विकास की गति स्वाभाविक रूप से कई गुना बढ़ जाती है।रक्षा मंत्री रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ लखनऊ छावनी क्षेत्र में करीब 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं भूमि पूजन कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं लखनऊ कैंट के वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। सामूहिक प्रयासों से प्रदेश में विकास की नई तस्वीर सामने आ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करता रहेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते 10-12 वर्षों में देश की वैश्विक छवि में बड़ा बदलाव आया है। पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज भारत जब अपनी बात रखता है तो पूरी दुनिया उसे गंभीरता से सुनती है।रक्षा मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी-बड़ी परियोजनाएं, आधुनिक इमारतें और चौड़ी सड़कें बनाना नहीं है। विकसित भारत का वास्तविक अर्थ तब पूरा होगा, जब देश के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पानी पहुंचे, युवाओं को खेल और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर मिलें।उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को भी यह महसूस होना चाहिए कि वे समाज की मुख्यधारा से पीछे नहीं हैं। विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग और व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों से शुरू होकर प्रत्येक मोहल्ले, बस्ती और परिवार तक पहुंचनी चाहिए।राजनाथ सिंह ने कहा कि समय के साथ शहरों और लोगों की जरूरतें बदलती हैं। ऐसे में नियमों और व्यवस्थाओं में भी आवश्यक बदलाव किया जाना चाहिए। इसी दिशा में लखनऊ समेत छावनी क्षेत्रों में नई व्यवस्था लागू की गई है।उन्होंने बताया कि पहले जहां छावनी क्षेत्र में तीन मंजिल तक निर्माण का प्रावधान था, वहीं अब पांच मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी गई है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि लखनऊ छावनी अपनी ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ तेजी से आगे बढ़ेगा।रक्षा मंत्री ने कहा कि बदलाव केवल इमारतों और सुविधाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पहचान में भी बदलाव दिखाई देना चाहिए। लखनऊ छावनी में ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाजारों के नाम बदलकर स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े महान व्यक्तित्वों के नाम पर किए गए हैं।उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन देश की गौरवशाली विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इससे नई पीढ़ी को भी अपने इतिहास और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ छावनी के लिए रविवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। करीब 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन लखनऊ कैंट के भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इन परियोजनाओं के माध्यम से छावनी क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, जलापूर्ति को मजबूत करने, बच्चों के लिए बेहतर भविष्य का आधार तैयार करने और युवाओं को खेल तथा अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही नागरिक सुविधाओं को सम्मानजनक और आधुनिक बनाने का प्रयास किया जाएगा।रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर नागरिक सुविधाओं के साथ लखनऊ छावनी को आगे बढ़ाया जाएगा। केंद्र और प्रदेश सरकार के समन्वित प्रयासों से कैंट क्षेत्र विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं का बेहतर उदाहरण बनेगा।

कोई टिप्पणी नहीं