जल जीवन मिशन के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यों की प्रगति समीक्षा बैठक हुई आयोजित
सुल्तानपुर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टेªट नवीन सभागार में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यों की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की । उक्त बैठक में एक्सईएन जल निगम, जूनियर इंजीनियर, जल निगम/एस0डब्लू0एस0एम0, थर्ड पार्टी एजेन्सी टीम, डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग यूनिट टीम, प्रोजेक्ट मैनेजर, वी.टी.एल. प्रोजेक्ट मैनेजर यूनिवर्सल फर्म, प्रोजेक्ट मैनेजर गायत्री फर्म सहित अन्य सम्बन्धित उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद में निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजनाओं के अन्तर्गत ओवरहेड टैंक, ट्यूबेल, पाइप लाइन, पम्प हाउस, सोलर इंस्टालेशन, हर घर जल आपूर्ति, क्षतिग्रस्त सड़कों पर पुर्ननिर्माण व पाइप लाइन बिछाने की प्रगति आदि के सम्बन्ध में बिन्दुवार विस्तृत चर्चा की । कार्यदायी संस्था वी.टी.एल., गायत्री, यूनिवर्सल द्वारा किये जा रहे ऐसे प्रोजेक्ट/कार्य जिनका 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गये है उन्हें एक माह के अन्दर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये । मुख्य विकास अधिकारी ने समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन के अन्तर्गत कार्य कर रही तीनों कार्यदायी संस्थाओं- वी.टी.एल., गायत्री, यूनिवर्सल को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं के 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं उन सभी परियोजनाओं को माह अगस्त, 2026 तक पूर्ण करें, अन्यथा के स्थिति में सभी को ब्लैक लिस्ट करते हुए कठोर कार्यवाही हेतु शासन को पत्र प्रेषित किया जायेगा।90 से 99 प्रतिशत प्रोग्रेस वाली योजनाओं के डेटा मिलान हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। 03.08.2026 को हुई बैठक में पूर्ण हो चुकी 135 योजनाओं में नियमित पानी की सप्लाई की जॉच करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि डीपीआरओ को निर्देशित किया कि कुल-135 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की जॉच रिपोर्ट समस्त खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिस हेतु समस्त विकासखण्ड के जूनियर इंजीनियर को निर्देशित किया कि उपरोक्त योजनाओं का निरीक्षण सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी से कराते हुये एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मुख्य विकास अधिकारी ने टी.पी.आई. (थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन) एजेंसी से उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी तथा उन्हें सख्त निर्देश दिये गये कि भ्रमण की जा रही पूर्ण एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं में जो भी कमियां पायी जाये, उसे लिखित रूप से अवगत करायें। योजनाओं पर किये जा रहे कार्यों की पिछले एक माह की गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

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