शाकिब हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सगे साले समेत चार गिरफ्तार
सुलतानपुर कोतवाली नगर क्षेत्र के लोलेपुर चौहानी गांव में 2 अगस्त की रात हुई मो. शाकिब की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, हाईवे किनारे स्थित पांच बिस्सा जमीन के 48 लाख रुपये में हुए सौदे को लेकर मृतक के साले ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
शराब पिलाने के बाद शाकिब को गांव से बाहर ले जाकर दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को जल निगम के तालाब में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में मृतक के सगे साले समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।पुलिस अधीक्षक चारू निगम के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई के लिए गठित चार पुलिस टीमों ने सुरागरसी, मुखबिर तंत्र, सर्विलांस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड का खुलासा किया।पुलिस के अनुसार, मो. शाकिब पुत्र सहबान, निवासी फरीदीपुर थाना गोसाईगंज, बचपन से ही अपने ननिहाल लोलेपुर चौहानी में रहता था। 2 अगस्त की रात वह किसी काम से घर से बाहर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो अगले दिन घर से करीब 200 मीटर दूर तालाब के किनारे उसका शव मिला। शरीर पर चोट के निशान पाए जाने के बाद हत्या की आशंका जताई गई।मृतक के पिता सहबान पुत्र जस्सम अली की तहरीर पर कोतवाली नगर में अज्ञात आरोपितों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया।पुलिस की जांच में सामने आया कि शाकिब की नानी ने उसे पक्का मकान और लखनऊ-वाराणसी हाईवे के किनारे करीब पांच बिस्सा जमीन दी थी। शाकिब ने इस जमीन को जहीनुद्दीन निवासी भुल्की, कोतवाली देहात को 48 लाख रुपये में बेचने का एग्रीमेंट किया था। सौदे के दौरान उसे दो लाख रुपये एडवांस भी मिल चुके थे। शेष रकम बैनामा के समय मिलनी थी।पुलिस के मुताबिक, शाकिब ने इस रकम के लिए नया बैंक खाता खुलवाया था और अपने मामा इलियास के पुत्र अदीब अनवर उर्फ गोलू को नॉमिनी बनाया था। जमीन और रकम की जानकारी उसकी पत्नी शब्बो को हुई तो उसने यह बात अपने भाइयों को बताई।पुलिस का दावा है कि मृतक के सालों को आशंका थी कि शाकिब जमीन बेचकर मिलने वाली रकम अपनी पत्नी को देने के बजाय शराब और अन्य कामों में खर्च कर देगा। इसी लालच में मृतक के साले सलमानुल हक उर्फ सलमान और कुन्नू ने शाकिब को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।इसके बाद सलमान अहमद ने शाकिब को अपने साथ लिया और उसे शराब पिलाकर योजनाबद्ध तरीके से गांव से बाहर ले गया। वहां पहले से मौजूद मो. हुसैन उर्फ गोलू, मो. जीशान और सलमानुल हक उर्फ सलमान के साथ मिलकर दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को पास स्थित जल निगम के तालाब में फेंक दिया गया।पुलिस के मुताबिक, 8 अगस्त को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर पुलिस टीम के साथ राहुल चौराहा क्षेत्र में आरोपितों के संबंध में जानकारी जुटा रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हत्याकांड से जुड़े चारों आरोपित चौहानी से बाईपास जाने वाली सड़क पर विनोबापुरी के सामने महुए की बाग में बैठे हैं।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को अपनी ओर आता देखकर चारों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में आरोपितों ने 2 अगस्त की रात शाकिब की गला दबाकर हत्या करने और शव तालाब में फेंकने की बात स्वीकार की।सलमान अहमद पुत्र सरदार, निवासी नकराही, थाना कोतवाली । पुलिस के अनुसार मृतक का दोस्त। मो. हुसैन उर्फ गोलू पुत्र अबरार अहमद, निवासी लोलेपुर चौहानी, थाना कोतवाली नगर। मृतक के सगे साले का दोस्त।मो. जीशान पुत्र नुरूल हक, निवासी लोलेपुर चौहानी, थाना कोतवाली नगर, मृतक के सगे साले का दोस्त।सलमानुल हक उर्फ सलमान पुत्र शमशुलहक, । पुलिस के अनुसार मृतक का सगा साला।
चार पुलिस टीमों ने किया खुलासा
हत्याकांड के शीघ्र अनावरण के लिए पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने चार पुलिस टीमों का गठन किया था। इनमें कोतवाली नगर पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था। पुलिस टीमों ने लगातार सुरागरसी-पतारसी, मुखबिर तंत्र और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने हत्याकांड का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया है।

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