ब्रेकिंग न्यूज

मुजफ्फरनगर-डेढ़ साल की मासूम से दुष्कर्म: 21 दिन में आया फैसला, आरोपी को उम्रकैद


मुजफ्फरनगर में विशेष पोक्सो कोर्ट ने डेढ़ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में त्वरित न्याय की मिसाल पेश करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि 3 जुलाई 2026 को आरोप तय होने के महज 21 दिनों के भीतर अदालत ने फैसला सुना दिया।यह मामला 12 मार्च 2026 का है। खतौली थाना क्षेत्र में आरोपी टिंकू उर्फ पिंकू, जो रिश्ते में बच्ची का मामा लगता था, उसे बिस्कुट दिलाने के बहाने घर से ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद जब मासूम रोती हुई घर लौटी तो उसके कपड़े खून से सने हुए थे। परिजनों ने तत्काल बच्ची को संभाला और उसकी मां की तहरीर पर खतौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने फोरेंसिक रिपोर्ट सहित सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने पूरे मुकदमे की लगातार निगरानी की तथा सभी गवाहों को समय पर अदालत में पेश किया।विशेष पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धु ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और गवाहों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि दोषी अपने शेष जीवन का समय कारागार में ही बिताएगा।फैसले में न्यायालय ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उपलब्ध अश्लील सामग्री को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने टिप्पणी की कि तकनीकी माध्यमों से फैल रही अश्लील सामग्री समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। न्यायालय ने कहा कि इस प्रकार की घटना केवल मानवता को शर्मसार करने वाली ही नहीं है, बल्कि यह समाज की चिंताजनक दिशा को भी दर्शाती है।सरकारी अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि पीड़िता की मां प्रियंका 12 मार्च को अपने मायके आई थीं। उसी दौरान आरोपी बच्ची को दुकान से सामान दिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया और वारदात को अंजाम दिया। बच्ची के खून से सने कपड़ों को देखकर परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मजबूत साक्ष्य एकत्र किए और अदालत में प्रस्तुत किए।मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्यों, प्रभावी अभियोजन और त्वरित सुनवाई के आधार पर अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास तथा दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस फैसले को पोक्सो मामलों में त्वरित न्याय की एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं