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एनएचएम जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न, उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं एवं आशा संगिनियों को किया सम्मानित


सुल्तानपुर जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के प्रारम्भ में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ता अनीता देवी, रिंकी देवी, कामिनी सिंह तथा आशा संगिनी रेखा मौर्य, आशा देवी एवं केश कुमारी को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनकी सक्रिय भागीदारी से सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने सम्मानित आशाओं को बधाई देते हुए अन्य कार्यकर्ताओं को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना, कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की। इसके बाद मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, कम्युनिटी प्रोसेस, परिवार नियोजन, आभा, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), क्वालिटी एश्योरेंस, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) तथा नियमित टीकाकरण समेत विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रदेश स्तर की रैंकिंग में जनपद की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के डे-प्रोग्रेस डेटा की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाए। उन्होंने सिजेरियन डिलीवरी की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों में रेफर न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।बैठक में 10 बेडेड पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक कुपोषित बच्चे का भर्ती एवं डिस्चार्ज के समय वजन अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। साथ ही उपचार से पहले और बाद की स्थिति का फोटोग्राफ एवं वीडियो रिकॉर्ड तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए, जिससे उपचार के वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन किया जा सके।टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान एक्स-रे जांचों की घटती संख्या पर जिलाधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संभावित मरीजों की जांच एवं स्क्रीनिंग की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि क्षय रोग उन्मूलन अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने, अस्पतालों में मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार तथा पारदर्शी एवं बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।दोस्तपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की समीक्षा के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं एएनएम की कम उपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही जारी रही तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।स्वास्थ्य संस्थानों पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी प्रकार की कमी हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए। साथ ही एम्बुलेंस सेवाओं की समयबद्धता एवं रिस्पॉन्स टाइम में सुधार लाने के निर्देश भी दिए।बैठक के दौरान दोस्तपुर सीएचसी स्थित नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाई (एनबीएसयू) से अधिक संख्या में हो रहे रेफरल पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उपचार की गुणवत्ता में सुधार कर अनावश्यक रेफरल को न्यूनतम करने के निर्देश दिए, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।आशा एवं आशा संगिनियों के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि के भुगतान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी भुगतान निर्धारित समयावधि में किए जाएं। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।बैठक के अंत में जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह ने सभी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी आपसी समन्वय, टीम भावना और जवाबदेही के साथ कार्य करें ताकि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो तथा प्रत्येक नागरिक को समय पर बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि समीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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