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विलंबित निर्माण परियोजनाओं पर डीएम सख्त, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों पर कार्रवाई के निर्देश


सुलतानपुर जनपद में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज विलंबित परियोजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान सेतु निगम, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सीएलडीएफ, उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, राजकीय निर्माण निगम, यूपीपीसीएल सहित कई कार्यदायी संस्थाओं की परियोजनाएं निर्धारित समय से पीछे पाई गईं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएलडीएफ एवं उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के एई और एपीएम के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं अपनी परियोजनाओं की पूर्णता तिथि सीएमआईएस पोर्टल पर तत्काल अपडेट कराएं। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्माणाधीन परियोजनाओं का साप्ताहिक निरीक्षण करने तथा निरीक्षण आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई गई तो कार्य को दोबारा कराया जाएगा।बैठक में जिलाधिकारी ने सीएलडीएफ के एई दिवाकर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने तथा उसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य अनावश्यक रूप से विलंबित है, उनसे जुड़ी कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों का एक दिन का वेतन रोकने के लिए भी पत्राचार किया जाएगा।पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माणाधीन लघु सेतु कार्यों की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विलंबित परियोजनाओं से जुड़ी सभी कार्यदायी संस्थाएं प्रतिदिन शाम 6 बजे अपनी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित बी एवं सी श्रेणी की रैंकिंग वाले विभागों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने नमामि गंगे, फैमिली आईडी, युवा कल्याण विभाग, पीडब्ल्यूडी, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, जननी सुरक्षा योजना, आईसीडीएस पोषण अभियान, नई सड़कों के निर्माण तथा उद्यमी विकास अभियान सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने डेटा का सही फीडिंग सुनिश्चित करें और योजनाओं में प्रगति लाकर विभागीय रैंकिंग में सुधार करें। गलत डेटा फीडिंग पाए जाने पर उन्होंने युवा कल्याण अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिया कि इस माह के भीतर सभी आंकड़े अद्यतन कर लिए जाएं।बैठक के दौरान परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कार्यों में आ रही बाधाओं की जानकारी ली और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित नहीं है, उनमें तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा तथा गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। किसी भी परियोजना में लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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