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बैंकॉक-मस्कट रूट से लखनऊ तक ड्रग्स का खेल, लगातार पकड़ी जा रहीं करोड़ों की खेपें


लखनऊ चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ड्रग्स तस्करों के निशाने पर है। पिछले एक महीने में एयरपोर्ट पर करोड़ों रुपये मूल्य की हाइड्रोपोनिक गांजा  की कई बड़ी खेप पकड़ी गई हैं। लगातार हो रही बरामदगियों ने सुरक्षा और जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों को आशंका है कि बैंकॉक और मस्कट के जरिए संचालित हो रहा कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट यूपी को ड्रग्स सप्लाई का नया केंद्र बनाने की कोशिश कर रहा है।शुक्रवार को कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए एक यात्री के पास से करीब 10.39 करोड़ रुपये मूल्य की हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद की। यह खेप बैंकॉक से मस्कट के रास्ते लखनऊ पहुंची थी। मामले में एक यात्री को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। कस्टम विभाग अब पूरे नेटवर्क और उसके विदेशी कनेक्शन की जांच में जुटा है।इससे पहले 1 जून को मस्कट से आए एक यात्री के पास से 13 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 13 करोड़ रुपये आंकी गई थी। तस्करों ने गांजा को चॉकलेट के पैकेटों में छिपाकर लाने की कोशिश की थी।लेकिन कस्टम अधिकारियों ने खेप पकड़ ली।मई महीने में भी एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी के कई बड़े मामले सामने आए। मई के पहले सप्ताह में बैंकॉक से आए यात्रियों के पास से करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य की हाई क्वालिटी हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई थी। वहीं एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने एक अन्य कार्रवाई में 14.87 किलोग्राम गांजा जब्त किया था।जिसकी कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपये बताई गई थी।जांच में सामने आया है कि बरामद की गई गांजा बेहद महंगी और उच्च गुणवत्ता वाली है। इसे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जाना था। हालांकि एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि कहीं लखनऊ को ट्रांजिट प्वाइंट बनाकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों तक तो ड्रग्स नहीं पहुंचाई जा रही थी।विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बरामदगियां किसी संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं। अब केवल कैरियरों की गिरफ्तारी से आगे बढ़कर पूरे सिंडिकेट का खुलासा करना जरूरी है। सवाल यह है कि इस रैकेट का सरगना कौन है, इसके तार किन देशों और राज्यों तक फैले हैं और अब तक कितनी खेप बाजार तक पहुंच चुकी है।पिछले एक महीने में एयरपोर्ट पर करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि कई खेपें जांच से बचकर बाजार तक पहुंची होंगी। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और जांच दोनों को और सख्त कर दिया है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बैंकॉक और मस्कट से संचालित इस ड्रग्स नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है और इसका जाल कहां तक फैला हुआ है।

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