यूपी में बदला मौसम: पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश तेज हवाएं और ओलावृष्टि की चेतावनी
लखनऊ समेत पूरे यूपी में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है। लगातार सक्रिय दूसरे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बूंदाबांदी, तेज हवाएं और बादलों की आवाजाही बनी हुई है। रविवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।बाराबंकी में सबसे अधिक 50 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि सुल्तानपुर में 35.3 मिमी, गोंडा में 31.5 मिमी, अयोध्या और हरदोई में 22.2 मिमी तथा बरेली में 16 मिमी बारिश हुई। दिनभर चली ठंडी हवाओं के कारण धूप की तीव्रता कम रही और मौसम सुहावना बना रहा।मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। सोमवार को कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है।तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों में पारा सामान्य से करीब 9 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया। गोरखपुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 8.9 डिग्री कम है, जबकि बलिया में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर बना हुआ है, जहां उरई में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हरदोई में 16 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडी रात रिकॉर्ड की गई।आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक के मुताबिक, प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश, आंधी और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहेंगी। 4 से 7 मई के बीच 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। हालांकि फिलहाल एक सप्ताह तक लू चलने के आसार नहीं हैं।संभावित खराब मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि आंधी, तेज हवाओं और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।किसानों को भी अपनी फसलों और पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान बच्चों को घर के अंदर ही रखें।प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी जिलाधिकारियों, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है, लेकिन जनता का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।
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