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छात्रा साइबर स्कैम और AI आधारित ब्लैकमेलिंग का शिकार, साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत


लखनऊ अमेठी जिले से साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ लखनऊ में रहकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही एक छात्रा को साइबर ठगों ने पहले ऑनलाइन स्कैम में फँसाया और फिर एआई तकनीक के माध्यम से ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए उससे धन की मांग की गई।अमेठी कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता प्रिंसी सिंह वर्तमान में लखनऊ में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ सर्विस की तैयारी कर रही है। छात्रा के अनुसार, कुछ दिन पूर्व उसके फोन-पे खाते में एक अज्ञात मोबाइल नंबर से 1200 रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके तुरंत बाद कॉल कर पैसे गलती से भेजने की बात कहते हुए वापस मांगे गए। जिसे उसने बिना किसी संदेह के लौटा दिया।इसके बाद मामला गंभीर मोड़ लेता चला गया। पीड़िता का आरोप है कि पैसे लौटाने के बावजूद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उसे लगातार कॉल कर धमकाया जाने लगा। कॉल करने वाले लोगों ने उसके सोशल मीडिया से ली गई तस्वीरों का इस्तेमाल कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से अश्लील फोटो तैयार कर ली और उन्हें वायरल करने की धमकी दी।आरोपियों ने पीड़िता को डराते हुए कहा कि यदि उसने पैसे नहीं दिए तो ये फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीरें उसके परिजनों और परिचितों को भेज दी जाएंगी। इस दौरान फोन पर गाली-गलौज कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया। लगातार मिल रही धमकियों से छात्रा बुरी तरह डर गई और मानसिक तनाव में आ गई।घटना से परेशान होकर पीड़िता ने साहस दिखाते हुए साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी मिलने के बाद साइबर सेल ने तत्काल संज्ञान लिया है।इस संबंध में साइबर सेल प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है। संबंधित मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी अज्ञात खाते से पैसा आने पर बिना जांच-पड़ताल के उसे लौटाने से पहले साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए और निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने से बचना चाहिए।फिलहाल पुलिस और साइबर सेल की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

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