UP में SIR में 2.89 करोड़ नाम कटे , 31 दिसंबर से शुरू होगी दावा-आपत्ति प्रक्रिया
लखनऊ चुनाव आयोग से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक यूपी में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत अब तक कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा चुके हैं। आयोग ने साफ कर दिया है कि SIR प्रक्रिया की समय-सीमा में अब किसी भी तरह का एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा और 31 तारीख को इसका फाइनल ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा नाम लखनऊ और गाजियाबाद से हटाए गए हैं।जहां से कुल कटे नामों का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा है।वहीं बीते 14 दिनों में SIR के तहत केवल 2 लाख नए नाम ही मतदाता सूची में जोड़े जा सके हैं।जो प्रक्रिया की सख्ती को दर्शाता है।चुनाव आयोग का दावा है कि राज्य में 90% वोटर मैपिंग पूरी हो चुकी है और समयसीमा में कोई और विस्तार नहीं किया जाएगा।वहीं 31 दिसंबर से शुरू SIR के लिए दावा-आपत्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएग।चुनाव आयोग के अधिकारियों ने साफ किया है कि राज्य में 90% वोटर मैपिंग पूरी हो चुकी है और प्रदेश सरकार ने कहा है कि डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। उत्तर प्रदेश में इस समय 15.4 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत वोटर हैं।बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) ने 4 नवंबर से SIR फॉर्म बांटना शुरू किया था। पहली डेडलाइन 4 दिसंबर थी जिसे दो बार बढ़ाने के बाद आखिरकार शुक्रवार को प्रक्रिया समाप्त हुई।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कुल 2.89 करोड़ वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।इनमें 1.26 करोड़ स्थानांतरित मतदाता, 46 लाख मृत मतदाता, 23.70 लाख डुप्लीकेट (दो जगह पंजीकृत) मतदाता, 83.73 लाख अनुपस्थित मतदाता और 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।31 दिसंबर 2025: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी।31 दिसंबर 2025-30 जनवरी 2026: दावा और आपत्तियों की अवधि।31 दिसंबर 2025-21 फरवरी 2026: फॉर्म पर निर्णय और निपटारा।28 फरवरी 2026: यूपी की अंतिम वोटर लिस्ट जारी।

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