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पुलिस की जांच में लूट की घटना निकली फर्जी


लखनऊ के नाका-हुसैनगंज ओवरब्रिज पर प्लाईवुड व्यापारी अरुण जिंदल के कर्मचारी अंकित यादव और अर्जुन राठौर ने बुधवार रात  13 लाख रुपए लूटने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने जांच पड़ताल की। पीड़ित अंकित और अर्जुन ने अलग-अलग बयान पर पुलिस को शक हुआ । सख्ती से पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने पैसा हड़पने के लिए लूट की झूठी सूचना दी थी। पुलिस आरोपियों से पैसे बरामदगी के लिए देर रात तक पूछताछ की।अलीगंज निराला नगर निवासी अरुण जिंदल प्लाईवुड व्यापारी हैं। बुधवार दोपहर अरुण ने कर्मचारी अंकित यादव और अर्जुन राठौर को कैश कलेक्शन के लिए भेजा था। दोनों तिलकनगर निवासी अशोक शर्मा से रुपये लेने के बाद लौट गए। रास्ते से दोनों ने व्यापारी अरुण जिंदल को फोन कर नाका-हुसैनगंज ओवरब्रिज पर असलहे के बल पर 13 लाख रुपये लूटे जाने की सूचना दी।कर्मचारियों के साथ हुई वारदात का पता चलने पर अरुण भी घटनास्थल पहुंच गए। इस बीच कैसरबाग, नाका और हुसैनगंज थाने से पुलिस टीमें भी आ गईं। जानकारी पर जेसीपी क्राइम निलाब्जा चौधरी, डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक, एडीसीपी मनीषा सिंह और एसीपी कैसरबाग पहुंचे थे। जांच में लूट संदिग्ध मिलने पर पुलिस टीम ने दोनों से पूछताछ की तो लूट की कहानी झूठी निकली।कर्मचारी अंकित और अर्जुन ने सूचना दी थी कि ओवरब्रिज पर चढ़ते ही दो बाइक पर सवार तीन बदमाश आ गए। एक ने ओवरटेक कर उनकी बाइक रोक ली। वहीं पीछे से आए दो बदमाशों ने असलहा तान कर बैग छीन लिया। डीसीपी सेंट्रल अपर्णा रजत ने बताया कि दोनों ने बदमाशों के अलग-अलग दिशा में भागने करने की जानकारी दी थी। जिसके आधार पर फुटेज खंगाले गए। लेकिन कहीं भी व्यापारी के कर्मचारियों का पीछा करते हुए बाइक सवार नजर नहीं आए। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 13 लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं। विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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