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घुटने से लेकर सर तक की चोटों को डकार गए एसओ


डॉ ने पीएम रिपोर्ट का कॉलम चोटों से भर दिया,फिर भी हत्या को आत्महत्या बता रही पुलिस

हत्या के तीन माह बाद भी नही दर्ज हुआ मुकद्दमा, फिर भी पुलिस कर रही जाँच का दावा

रिपोर्ट-योगेश यादव

सुलतानपुर। पोस्टमार्टम रिपोर्ट वायरल होते ही धम्मौर पुलिस का  चेहरा बेनकाब हो गया है ।हत्या को आत्महत्या बता कर पूरे मामले को हजम करने का प्रयास किया गया है।पुलिस मृतका के पूरे शरीर पर एंटी मार्टम चोट को नजरअंदाज कर गयी!यहां तक की चश्मदीद बिटिया का बयान लेना भी उसने मुनासिब नहीं समझा। आम तौर पर फाँसी लगाकर आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के शरीर पर चोटें नहीं आती लेकिन इस केस में मृतका के शरीर पर कई घाव है। बेटी के सामने ही पति समेत तीन लोगों ने उसके सामने मां का गला दबाकर हत्या कर दी ।फिलहाल आज जब चश्मदीद बेटी अपनी नानी राजकुमारी(विधवा तेज बहादुर सिंह)के साथ अमेठी मुंसीगंजके पनियारपुर से चलकर एसपी ऑफिस पहुंची तो आज सुनवाई कर रहे डिप्टी एसपी दलबीर सिंह ने एसओ धमौर को फोन लगाकर कार्रवाई करने की बात कही ।इतना ही नहीं दास्तान सुनाते ही वक्त मृतका की माँ ने पुलिस को कहा कि "साहेब,जब मेरी बेटी की चिता जल रही थी तब धम्मौर के एसओ हमारी बिटिया की लाश का सौदा करके पैसा गिन रहे थे।" फिलहाल मंगलवार को धमौर पुलिस ने कार्रवाई के लिए पीड़ित पक्ष को थाने पर बुलाया है।पता चला है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष (हत्यारोपी पति वीरेंद्र सिंह निवासी हालापुर मजरे नरही भाटी) को भी थाने बुलाया है ।बताते चले कि तीन माह पूर्व  06 अगस्त को पूजा सिंह (32) की रात में सोते वक्त उसके पति ने अपने घर पर दो साथियों के साथ चारपाई से उतारकर गला घोट कर मार डाला था ।आरोप है कि क़ातिल ने पुलिस को हमवार करके थाने पर सुबह लाश को भिजवाई ।वहीं पंचायतनामा भरा गया ।जो संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है ।रविवार को स्वतंत्र चेतना से बातचीत के दौरान एसओ ने कहा था कि मैं लाश को फंदे से उतारने वाले का नाम भी डायरी में देखकर बता दूंगा ।लेकिन वह पूरे मामले से मंगलवार को भी गोपनीयता बनाए रहे और बात करने से बचते रहे।और फोन करने के बावजूद उस व्यक्ति का नाम बताना मुनासिब नहीं समझाऔर फोन काट दिया। चौकाउं पहलू यह है कि तहरीर मिलने के तीन माह बाद भी पुलिस ने आज तक न तो मुकद्दमा दर्ज किया और न ही चश्मदीद बिटिया का बयान लिया।अब कहना जरूरी हो गया है कि यह वारदात पर पर्दा डालने के लिए मनगढ़ंत कहानी थी !जिसमें हत्यारे और पुलिस की मिलीभगत साफ-साफ उजागर हो रही है ।चश्मदीद बेटी ने कहा "पापा खेत बेचना चाहते थे। इसलिए मम्मी उसका विरोध करती थी।इसलिए पापा ने मम्मी को मार डाला।"फिलहाल बिटिया के बयान चोटों से हूबहू मेल खाती हैं।उसने जोड़ा की संघर्ष के दौरान मम्मी का सिर किवाड़ा(दरवाजा) से भिड़ गया, जिस कारण मृतका के पीएम रिपोर्ट में माथे पर चोट के निशान है।फिलहाल पीएम रिपोर्ट में डॉ ने नीले पेन से टिक लगाकर पुलिस की आँखे में आई ड्राप डालने का काम किया है।

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