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सुल्तानपुर में असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देकर जला 40 फीट ऊंचा रावण


सुल्तानपुर असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी का पर्व मंगलवार को जिले में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर में दशहरा उत्सव के दौरान रामलीला मैदान से राम सेना और रावण सेना की झांकियां निकाली गईं। शाम 6:38 बजे दोनों सेनाएं रामलीला मैदान से निकलकर शहर स्थित गभड़िया ओवरब्रिज पहुंचीं, जहां राम और रावण की सेनाओं के बीच प्रतीकात्मक युद्ध का मंचन किया गया। इसके बाद 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन के साथ ही पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठा और लोगों ने बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।इस अवसर पर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।विजयदशमी के अवसर पर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने जनपदवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों की ओर से किए गए भव्य इंतजामों की सराहना करते हुए नागरिकों के अनुशासन की प्रशंसा की। जिलाधिकारी ने कहा कि त्योहारों को आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाना समाज की एकजुटता का प्रतीक है।उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह दशहरा और दुर्गापूजा के आयोजनों में नागरिकों ने सहयोग और अनुशासन का परिचय दिया है, उसी तरह आने वाले वर्षों में भी सभी लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाएंगे। आपसी सद्भाव बनाए रखना और प्रशासन का सहयोग करना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने विजयदशमी के अवसर पर विशेष रूप से युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि संघर्ष चाहे कितना भी लंबा हो और चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अंत में जीत हमेशा सत्य की ही होती है। विजयदशमी का पर्व हमें सिखाता है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दे, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वालों की विजय निश्चित होती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उच्च अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति में रावण दहन एवं रामलीला का कार्यक्रम सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने सफल आयोजन के लिए रामलीला समिति और अन्य आयोजकों को बधाई दी। साथ ही त्योहारों के दौरान आपसी सौहार्द बनाए रखने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।केंद्रीय दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश बजरंगी ने रावण दहन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रावण के दस सिर और दस इंद्रियों का दहन इस बात का प्रतीक है कि मनुष्य को अपने भीतर मौजूद बुराइयों और विकारों को समाप्त कर उन पर नियंत्रण प्राप्त करना चाहिए।उन्होंने कहा कि रावण दहन का मुख्य उद्देश्य अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराइयों पर अच्छाई की विजय का संदेश देना है। यह पर्व हमें अपने भीतर की नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागने, सदाचार अपनाने और समाज में सकारात्मकता फैलाने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिलता है।विजयदशमी के अवसर पर मंगलवार को  जिले में व्यापक स्तर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, जिले में कुल 22 स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। वहीं, जनपद में 1,788 स्थानों पर देवी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।इसके अलावा जिले के 46 स्थानों पर रामलीला का मंचन किया गया। दशहरा उत्सव के बाद अगले दिन 10 स्थानों पर भरत मिलाप के आयोजन प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों के माध्यम से जिले में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता की झलक देखने को मिली।दशहरा पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। रामलीला में भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध के मंचन के बाद पुतला दहन के जरिए लोगों को बुराई का त्याग कर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।गभड़िया ओवरब्रिज पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक बृज मोहन सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर राघवेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी सदर गरिमा सोनकिया, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।इसके अलावा शैलेन्द्र शुक्ला, अनिल द्विवेदी, डॉ. अरविन्द चतुर्वेदी, कांग्रेस प्रवक्ता राजेश तिवारी और वरुण मिश्रा सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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