चित्रकूट में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे सीएम योगी
लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्रकूट दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित 800 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।
साथ ही बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं राहत राशि भी प्रदान की। सीएम योगी ने मंदाकिनी नदी के उफान से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद रामघाट पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सियाराम के जयघोष के साथ कहा कि आपदा की इस घड़ी में डबल इंजन की सरकार पूरी मजबूती और संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने जिस धरती पर 12 वर्ष रहकर रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया था। आज उसी धरा पर आई आपदा के समय पूरी सरकार जनता के साथ खड़ी है। सरकार का संकल्प है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और उन्हें हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। सीएम योगी ने कहा कि जिस दिन चित्रकूट में बाढ़ आई, उस समय वह बलिया में थे। इसके बावजूद उन्होंने तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को अलर्ट किया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों को निर्देशित कर रखा है कि बाढ़ या अग्निकांड में यदि किसी गरीब का घर पूरी तरह नष्ट हो जाता है तो पात्रता के अनुसार उसे तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही ऐसे पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए भूमि का पट्टा भी उपलब्ध कराया जाए।सीएम ने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि नुकसान का आकलन कर पात्र लोगों को नियमानुसार राहत राशि और अन्य सरकारी सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों, राहत शिविरों, जल निकासी तथा बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित परिवार की सुरक्षा, राहत और पुनर्वास है। प्रशासनिक मशीनरी को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचानी होगी।



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