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शिक्षक ही राष्ट्र के भविष्य और संस्कारों का निर्माता : सीएम योगी


लखनऊ शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी सम्मानित गुरुजनों एवं शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी सशक्त और समर्थ बन सकता है। जब उसकी भावनाओं के अनुरूप शिक्षा और संस्कार बचपन से ही बच्चों और युवा पीढ़ी को प्राप्त हों। यह महत्वपूर्ण कार्य एक शिक्षक ही कर सकता है।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में जब आधुनिक शिक्षा को देश की परंपरागत ज्ञान परंपरा से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने की आवश्यकता महसूस हुई, तब महान शिक्षाविद् एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। यह दिवस प्रत्येक शिक्षक को भारत की विशिष्ट ज्ञान परंपरा से जुड़ने और उस पर गौरव की अनुभूति करने का अवसर प्रदान करता है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही 2.61 लाख से अधिक शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। जिससे शिक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाया जा सके।उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी जरूरी है। इसी दिशा में प्रदेश के 5,500 से अधिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 'लर्निंग बाई डूइंग' कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।'लर्निंग बाई डूइंग' कार्यक्रम के तहत कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, एनर्जी एंड एनवायरनमेंट, एग्रीकल्चर और हेल्थ जैसे ट्रेड से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इसके माध्यम से बच्चों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि वे आगे चलकर अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप क्षेत्र का चयन कर सकें। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भी कार्य कर रही है। प्रदेश में 14 हजार दिव्यांग बच्चों को एस्कॉर्ट अलाउंस, 23 हजार से अधिक दिव्यांग बालिकाओं को स्टाइपेंड तथा 23 हजार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर और हियरिंग एड जैसे उपकरण शामिल हैं।इसके अलावा करीब 3,000 दृष्टिबाधित बच्चों को ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे वे भी शिक्षा के समान अवसर प्राप्त कर सकें। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के हितों का भी ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षामित्रों का मानदेय मात्र 3,000 रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 18,000 रुपये किया गया है। वहीं, अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की स्वास्थ्य सुविधा भी प्रदान की गई है। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल बच्चों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं है। शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, चरित्र निर्माण और उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है।उन्होंने कहा कि देश तभी मजबूत और समर्थ बनेगा, जब बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की जानकारी मिले। शिक्षकों को इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। सीएम योगी ने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उनके ज्ञान, मार्गदर्शन और संस्कारों से ही एक शिक्षित, संस्कारित और सक्षम समाज का निर्माण संभव है।


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