चीनी की कमी की अफवाह पर सख्ती, स्टॉक की जांच के निर्देश; सीएम योगी बोले- जमाखोरी पर होगी कार्रवाई
लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश में चीनी की उपलब्धता आपूर्ति और स्टॉक की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है। ऐसे में चीनी की कमी अथवा कृत्रिम संकट की अफवाह फैलाकर आमजन को भ्रमित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे चीनी की कमी को लेकर फैलाए जा रहे किसी भी तरह के भ्रम से सावधान रहें। सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी जिलों में पंजीकृत चीनी मिलों के साथ-साथ थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक पाए जाने पर जमाखोरी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक की चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। इसके अलावा एक समय में 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का भंडारण भी नहीं किया जा सकेगा। बल्क कंज्यूमर्स यानी प्रतिमाह 10 मीट्रिक टन या इससे अधिक चीनी की खपत करने वाले उपभोक्ता भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेंगे। सीएम योगी ने चीनी मिलों के संबंध में भी स्पष्ट व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलें अपने मासिक कोटे के अंतर्गत बेची गई चीनी को विक्रय की तिथि से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में नहीं रोकेंगी। सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जिलों में सभी पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार कराई जाए और निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।उन्होंने चीनी की उपलब्धता और बाजार मूल्य पर लगातार निगरानी रखने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि कहीं भी कृत्रिम कमी पैदा करने कालाबाजारी अथवा अनावश्यक मूल्य वृद्धि की स्थिति सामने आती है तो शासन को तत्काल इसकी जानकारी दी जाए।समीक्षा बैठक में सीएम को बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। पिछले दो महीनों जून और जुलाई के दौरान चीनी मिलों की ओर से 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की गई है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों को 15 अक्तूबर से ही संचालित किए जाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए ताकि प्रदेश में चीनी की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो।बैठक में बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है। इससे लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन होने की संभावना है। प्रदेश में चीनी की अनुमानित मासिक खपत करीब चार लाख मीट्रिक टन है।समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश के 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है।प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने बताया कि सीएम योगी के निर्देशों के क्रम में सभी जिलों में थोक एवं खुदरा व्यापारियों के यहां चीनी के स्टॉक का सत्यापन कराया गया है। व्यापारियों को निर्धारित नियमों का पालन करने और उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने बताया कि शनिवार को हुई जांच के दौरान किसी बड़ी अनियमितता की जानकारी नहीं मिली है। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चीनी की उपलब्धता, स्टॉक और कीमतों पर सतत नजर रखें तथा किसी भी तरह की जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम कमी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें।

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