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सुल्तानपुर डीएम की अध्यक्षता में जवाहर नवोदय विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक, छात्रहित में लिए गए कई अहम फैसले


सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में जवाहर नवोदय विद्यालय, सुलतानपुर में विद्यालय प्रबंधन समिति एवं सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विद्यालय के समग्र विकास, छात्रों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।बैठक में विद्यालय परिसर से होकर गुजर रही सड़क को विद्यालय की पश्चिमी एवं उत्तरी बाउंड्रीवाल के किनारे स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। साथ ही छात्रावास निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने तथा मुख्य सड़क से विद्यालय तक संपर्क मार्ग निर्माण कराने का भी निर्णय लिया गया। इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से विद्यालय की सुरक्षा और छात्रों की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।विद्यालय में रसोई संचालन की आवश्यकता को देखते हुए एलपीजी गैस सिलेंडरों का मासिक कोटा 28 से बढ़ाकर 90 किए जाने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

वहीं विद्यार्थियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति तथा समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया। छात्रों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 50 हजार लीटर क्षमता का आधुनिक आरओ प्लांट स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।बैठक में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्मार्ट टीचिंग लैब का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, तकनीकी दक्षता, खेल, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का समुचित विकास भी आवश्यक है।

उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रत्येक छात्र की प्रतिभा को पहचानकर उसे विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं नवाचार आधारित गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अटल इनोवेशन मिशन (AIM) के अंतर्गत स्थापित अटल टिंकरिंग लैब (ATL) का उद्घाटन रहा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग एवं गणित (STEM) के क्षेत्र में नए प्रयोग करने और अपने विचारों को वास्तविक रूप देने का अवसर मिलेगा।कार्यक्रम के दौरान छात्र रूद्र जायसवाल ने जिलाधिकारी से पूछा कि वे जिलाधिकारी कैसे बने। इस पर जिलाधिकारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। शिक्षा, अनुशासन, समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ कठिन परिश्रम करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, आधुनिक, सुविधायुक्त और उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।बैठक एवं निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कादीपुर मंजुल मयंक, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग रवीन्द्र सिंह आर्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र गुप्ता, एडीआईओएस जटाशंकर, विद्यालय प्रबंधन समिति एवं सलाहकार समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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