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कस्तूरबा विद्यालय में डीएम का निरीक्षण, स्मार्ट शिक्षा और बेहतर सुविधाओं पर जोर


सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने गुरुवार को विकासखंड प्रतापपुर कमैचा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण कर छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक, आवासीय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास, स्मार्ट क्लास, रसोईघर, शौचालय, स्वच्छता व्यवस्था तथा विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया।

जिसमें छात्राओं की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। इसके बाद उन्होंने छात्रावास में रह रही छात्राओं से सीधे संवाद कर शिक्षा की गुणवत्ता, भोजन की व्यवस्था, मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध होने, रहन-सहन तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। छात्राओं से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार बनाए रखने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने स्मार्ट क्लास का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से आईआईटी गांधीनगर एवं खान एकेडमी के शैक्षणिक वीडियो चलवाकर छात्राओं से उनकी समझ और सीखने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शिक्षिकाओं को निर्देशित किया कि स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल शिक्षण सामग्री का नियमित उपयोग कर छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए तथा निरीक्षण के समय इन कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार छात्राओं को नियमित रूप से पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही छात्रावास, रसोईघर, शौचालय एवं पूरे विद्यालय परिसर की साफ-सफाई नियमित रूप से कराई जाए, ताकि छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिल सके।जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इन व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विद्यालय परिसर की क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल को तत्काल दुरुस्त कराने के लिए आवास विकास विभाग के अवर अभियंता को निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी लंभुआ एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालय का पुनः निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास और प्रोजेक्टर के माध्यम से सभी छात्राओं को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ते हुए उन्हें अधिक से अधिक प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।

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