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यूपी की सियासत में बड़ा फेरबदल तय! योगी कैबिनेट विस्तार पर कभी भी लग सकती है मुहर


लखनऊ योगी आदित्यनाथ की सरकार में जल्द बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, यूपी कैबिनेट का विस्तार अब किसी भी वक्त हो सकता है। केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद संभावित मंत्रियों को आज शाम तक लखनऊ मुख्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद शपथ ग्रहण समारोह की तारीख और समय पर अंतिम फैसला हो जाएगा।

2027 विधानसभा चुनाव पर बीजेपी की नजर

बीजेपी पहले से ही 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी की रणनीति लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार, सरकार के साथ-साथ बोर्ड, निगम और आयोगों में भी संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी की कोशिश विकास, हिंदुत्व और मजबूत जातीय समीकरणों के संतुलन के जरिए चुनावी बढ़त बनाए रखने की है।

‘नारी शक्ति’ पर रहेगा विशेष फोकस

इस बार के कैबिनेट विस्तार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर खास जोर दिया जा रहा है। बीजेपी महिला आरक्षण और महिला सम्मान के मुद्दे को लेकर विपक्ष को घेरने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मंचों से नारी शक्ति के सम्मान को लेकर विपक्ष पर हमला बोलते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि योगी सरकार में महिला चेहरों को अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।

पुराने मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड भी बना आधार

कैबिनेट विस्तार में सिर्फ नए चेहरों को मौका नहीं मिलेगा, बल्कि मौजूदा मंत्रियों के कामकाज का भी आकलन किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) को बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।खास तौर पर पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान संगठनात्मक काम और राजनीतिक सक्रियता दिखाने वाले नेताओं को प्रमोशन मिलने की चर्चा है। इसके अलावा कई मंत्रियों के विभागों में भी बड़े बदलाव संभव बताए जा रहे हैं।

छह सीटें खाली

उत्तर प्रदेश सरकार में फिलहाल 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।सूत्रों के मुताबिक जिन 6 नए चेहरों को इस मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है उनमें कृष्णा पासवान, पूजा पाल, मनोज पाण्डे, भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया, रोमी साहनी का नाम शामिल है।


जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विस्तार में दलित, पिछड़ा, महिला और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जाएगी। पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के समीकरणों को ध्यान में रखकर नए मंत्रियों का चयन किया जा सकता है।बीजेपी की कोशिश साफ है—2027 से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तर पर ऐसा संतुलन तैयार करना, जिससे विपक्ष को मजबूत चुनौती दी जा सके।

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