8000 सिम और 5000 मोबाइल ब्लॉक, फर्जी ऐप्स पर चला पुलिस का हंटर
डिजिटल दुनिया में सेंध लगाकर आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा ‘सफाई अभियान’ शुरू किया है।NCR में पैर पसारते साइबर अपराध के मकड़जाल पर गाजियाबाद पुलिस ने हंटर चलाते हुए हजारों मोबाइल नंबरों और सैकड़ों फर्जी ऐप्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। ADCP क्राइम के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने उन ठगों की कमर तोड़ दी है जो महज एक ‘क्लिक’ के जरिए लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे थे।ADCP क्राइम के अनुसार साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल नंबर मोबाइल फोन, ऐप्स और वेबसाइटों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साल 2025 से अब तक 8 हजार से अधिक मोबाइल नंबर ब्लॉक कराए जा चुके हैं जबकि 5 हजार से ज्यादा मोबाइल फोन के IMEI नंबर ब्लॉक कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। इसके अलावा करीब 200 मोबाइल ऐप और 30 फर्जी वेबसाइटों को भी बंद कराया गया है।साइबर ठग मासूम लोगों को फंसाने के लिए लालच भरे मैसेज, सोशल मीडिया विज्ञापन और संदिग्ध लिंक का सहारा लेते हैं। इन लिंक पर क्लिक करते ही यूजर को फर्जी वेबसाइट या नकली ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है।अक्सर यूजर को एक APK फाइल भेजी जाती है। जिसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा कंट्रोल ठगों के हाथ में चला जाता है।इसके बाद आपके ओटीपी, पासवर्ड और बैंक डिटेल्स चोरी करना उनके लिए बच्चों का खेल हो जाता है। कुछ ऐप्स निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का झांसा देकर भी लोगों को लूट रहे हैं।यूपी पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अनजान नंबर या सोर्स से आए लिंक पर क्लिक न करें। व्हाट्सएप, एसएमएस या ई-मेल के जरिए भेजी गई APK फाइल को बिल्कुल डाउनलोड न करें। हमेशा मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर या अधिकृत ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और इंस्टॉल करने से पहले ऐप की रेटिंग रिव्यू और डेवलपर की जानकारी जरूर जांचें।

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