सुल्तानपुर में भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी की जयन्ती/‘सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर 2025‘ अभियान के अन्तर्गत एक वृहद कार्यशाला का हुआ आयोजन
सुल्तानपुर भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी की जयन्ती/जन शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर ‘सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर 2025‘ अभियान के अन्तर्गत सरकार की सक्रिय भागीदारी और केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को गॉवों तक पहुंच सुनिश्चित कराने हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 भारत भूषण, जिला विकास अधिकारी गजेन्द्र तिवारी, परियोजना निदेशक(डी0आर0डी0ए0) अशोक सिंह, डीसी एनआरएलएम के0डी0 गोस्वामी सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में विकास भवन के प्रेरणा सभागार में एक वृहद कार्यशाला का आयोजन किया । इस अवसर पर पीपीटी के माध्यम से आईसीडीएस विभाग, महिला कल्याण विभाग, दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में सफलता की कहानी का प्रजेण्टेशन किया । जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण केन्द्रित योजनाओं के बारे में बताया गया। उन्होंने चाइल्ड हेल्प लाइन के तहत रेस्क्यू किये गये बालक निक्कू निषाद की कहानी को साझा किया । मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत कराया गया। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत कटे होंठ और तालू से ग्रसित सृष्टि गौतम, रियान्श पाल, ध्रुप, प्रियंका आदि का निःशुल्क इलाज कर उन्हें सही करने की कहानियों को साझा किया गया। उन्होंने सभी सी.एच.सी. व पी.एच.सी. में आम जनमानस को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अवगत कराया।डीसी एनआरएलएम द्वारा स्वयं सहायता समूह की दीदियों की सफलतम् कहानियों से लोगों को अवगत कराया गया। उन्होंने बीसी सखी, विद्युत सखी, प्रेरणा कैण्टीन, समूहों द्वारा निर्मित उत्पाद-धोपाप ब्रान्ड, मूंज उत्पाद, मूर्ति निर्माण, बैग, सिलाई, चप्पल निर्माण, दोना-पत्तल निर्माण आदि के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया। इसी प्रकार अन्य विभागों द्वारा ‘सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर 2025‘ के अन्तर्गत अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं व विभाग की उपलब्धियों के बारे में अवगत कराया ।

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