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गाजियाबाद में महिला सुरक्षाकर्मी से गैंगरेप, एक आरोपी गिरफ्तार


 गाजियाबाद की एक सोसाइटी में महिला सुरक्षाकर्मी से दरिंदगी हुई है। आरोप है कि सोसाइटी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर ने पहले  सुरक्षाकर्मी से मारपीट की फिर दो साथियों संग गैंगरेप किया। इससे आहत पीड़िता ने जहरीला पदार्थ पी लिया। पीड़िता का एम्स दिल्ली वेंटीलेटर पर इलाज चल रहा है। हालत बेहद नाजुक बताई गई है। डॉक्टरों ने पीड़िता के शरीर में पॉइजन की पुष्टि की है।मामले में थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी सिक्योरिटी सुपरवाइजर अजय को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी 2 लोग कौन हैं उनकी तलाश जारी है।झारखंड निवासी 19 साल की युवती गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में अपनी मौसी के घर रहती है। वो सृष्टि हाउसिंग सोसाइटी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड तैनात है। रविवार दोपहर युवती के मौसेरे भाई ने डायल-112 को कॉल करके उसके साथ 3 युवकों द्वारा गैंगरेप करने की जानकारी दी।पुलिस के पहुंचने से पहले ही सहकर्मियों के द्वारा उसको ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी स्थित वृंदावन हॉस्पिटल में भर्ती कराया जा चुका था। इस मामले में पीड़िता के मौसेरे भाई ने सिक्योरिटी सुपरवाइजर अजय सहित दो अज्ञात युवकों पर गैंगरेप करने मारपीट करने कपड़े फाड़ने की FIR दर्ज कराई है।DCP ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस हॉस्पिटल पहुंची। यहां डॉक्टरों ने बताया कि युवती ने कुछ जहरीला पदार्थ खाया है। इससे उसकी हालत बिगड़ गई है। इसी बीच मजिस्ट्रेट भी बयान दर्ज करने के लिए हॉस्पिटल पहुंच गए।पीड़िता बहुत ज्यादा बोलने की स्थिति में नहीं थी। लेकिन कागज पर लिखकर बयान दिया है। इसमें उसने घटना में सिर्फ अजय के शामिल होने की बात लिखी है। बाकी 2 अज्ञात युवकों का जिक्र लिखित बयान में नहीं है। इस आधार पर पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए सिक्योरिटी सुपरवाइजर अजय को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।DCP ने बताया ये घटनाक्रम सोसाइटी के बेसमेंट का बताया गया है जहां पर सिक्योरिटी सुपरवाइजर का कमरा है। इस पूरे मामले में गहनता से जांच की जा रही है। वहां पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पीड़िता अभी बोलने की स्थिति में नहीं है।सोसाइटी में ही तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने बताया पीड़िता दोपहर में हमारे पास आकर बैठ गई। उनकी हालत ठीक नहीं लग रही थी। हमने पूछा- तबियत तो ठीक है अगर ठीक नहीं है तो दवा दिलवा दें। भूख लगी है तो खाना खिलवा दें। वो गुमसुम बैठी रही। जब हमने जोर देकर पूछा तब उसने हमें पूरा वाकया बताया।

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