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बौद्ध धार्मिक स्थल होने के बावजूद अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा कुड़वार का "गढ़ा"


सुलतानपुर। कुड़वार विकासखंड क्षेत्र  मैं स्थित ऐतिहासिक किला जिसे "गढ़ा"के नाम से जाना जाता है।ग्रेंट कुड़वार क्षेत्र के पश्चिम गोमती नदी के किनारे स्थित है। गढ़ा देश विदेश के पर्यटन स्थल के नक्शे में मौजूद है।समय समय पर जनप्रतिनिधियों ने विकास के बड़े बड़े दावे किए लेकिन धरातल पर अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।इतिहास कारों के अनुसार कलाम वंशीय क्षत्रियों ने "कुडवा"नामक स्टेट इसी स्थान पर बनवाया था।समय गुजरने के साथ यह स्थल कुड़वार के नाम से जाना जाता है।बौद्ध ग्रंथों में गढ़ा का उल्लेख मिलता है। उसके मुताबिक महात्मा बुद्ध ने कुछ दिनों तक यहां रुककर बौद्ध भिक्षुओं को दीक्षा दी थी। बौद्ध भिक्षु मुक्तानंद ने यहां एक बार बौद्ध सम्मेलन आयोजित कराया था। चीन,जापान, थाईलैंड,गया समेत देश विदेश के बौद्ध भिक्षुओं ने हिस्सा लिया था। पुरातत्व विभाग ने इस स्थल की खुदाई कराई तो भगवान बुद्ध की मूर्तियां,स्तूप के भग्नाव शेष मिले थे। गढ़ा के इर्द-गिर्द लाखौरी ईंटों से बनी दीवारें इमारत की बुलंदी की कहानी आज भी बयां करती हैं। चीन यात्री ह्वेनसांग 636ई०में भारत की यात्रा पर आया था। कन्नौज से प्रयागराज आया,प्रयाग से गंगा नदी पार कर उत्तर दिशा में आगे बढ़ा तब इस स्थान को देखा जो काशेपुरा नामक शहर रहा।बाद में केशपुत्र के नाम से जाना जाने लगा। इतिहास कारों का मानना है कि सर्वेश सांग ने इसी स्थल का वर्णन किया। सुल्तानपुर गजेढियर में भी गढ़ा का उल्लेख ऐतिहासिक स्थल के रूप में है। गढ़ा के बारे में ऐतिहासिक व पुरातात्त्विक प्रमाण होने के बाद भी उपेक्षा का शिकार बना पड़ा है।"गढ़ा"के बगल में कबीर आश्रम के धर्मानुयायी आश्रम बनाकर रहते हैं। कबीर आश्रम के नाम काफी जमीन भी है। आश्रम के सेवादार अमर दास ने बताया कि गढ़ा का विकास व पुनरोद्धार होना आवश्यक है।समय समय पर देश विदेश के बौद्ध अनुयाई आते जाते हैं। परन्तु उनके रुकने प्रसाधन आदि की सुविधा न होने से परेशानी होती है।आश्रम पर कुछ समय ब्यतीत कर मजबूर होकर चले जाते हैं। जीवन के अंतिम पड़ाव में पहुंचे क्षेत्र के धर्म दत्त मिश्रा, शिव शंकर सिंह, राम सुन्दर मिश्रा, अभिमन्यु मिश्रा आदि का कहना है कि गढ़ा एक ऐतिहासिक स्थल होने के बाद भी विकसित नहीं हो सका जो हमारे लोगों के मन में टीस बनकर रह गई है। पूर्व सांसद डॉ संजय सिंह ने एक सोलर लाइट व विधायक सूर्य भान सिंह ने पीने के पानी के लिए एक इण्डिया मार्का हैंडपंप लगवा कर आने जाने वालों को थोड़ी सहूलियत प्रदान किया है।

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