यूपी एटीएस ने लखनऊ से चार संदिग्धों को दबोचा, सेना-पुलिस के जवानों को निशाना बनाने की थी योजना
लखनऊ में आतंकी हमले की साजिश रच रहे चार संदिग्धों को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के तार पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े हैं। आरोप है कि चारों पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई के निर्देश पर लखनऊ में सेना अथवा पुलिस के प्रतिष्ठानों और जवानों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। एटीएस ने इनके कब्जे से एक विदेशी पिस्टल और 20 कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब के तीन युवक और एक नाबालिग शामिल है। चारों अमृतसर के रहने वाले बताए गए हैं।एटीएस को इनपुट मिला था कि पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का नेटवर्क पंजाब के कुछ युवाओं को अपने संपर्क में लेकर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहा है। इस सूचना के आधार पर एजेंसी ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच में सामने आया कि गगनदीप सिंह और उसके कुछ साथी इस नेटवर्क के सक्रिय सदस्य राना भाई के संपर्क में हैं। पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर ये लोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से लखनऊ पहुंचने वाले हैं। इसी सूचना पर एटीएस की टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 27 अक्टूबर को पंजाब के अमृतसर से दिल्ली होते हुए 29 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे लखनऊ पहुंचे थे। लखनऊ आने के लिए राना भाई ने उन्हें किराये के रूप में 2585 रुपये भेजे थे। लखनऊ पहुंचने के बाद आरोपियों ने रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाया और उसे पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलर को भेज दिया। इसके बाद उन्हें आगे की गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश दिए गए थे।जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद नेपाल के रास्ते फरार होने की योजना बना रहे थे। एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं। हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति, तस्करी के नेटवर्क, पाकिस्तान से होने वाले संपर्क और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से संदिग्ध चैट, संवेदनशील प्रतिष्ठानों के वीडियो और उनकी लोकेशन पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे जाने के साक्ष्य मिले हैं। हथियार पाकिस्तान से भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर हथियार उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।चारों आरोपियों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एटीएस और अन्य जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा देश के अन्य हिस्सों में भी इस नेटवर्क के सदस्य सक्रिय हैं या नहीं। एजेंसियों की कार्रवाई से लखनऊ में संभावित आतंकी वारदात की साजिश समय रहते सामने आ गई।

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