चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर अलर्ट, डीएम ने दिए निर्देश
सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में बंगाल की खाड़ी में उठ रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से उत्पन्न होने वाली संभावित मौसमी परिस्थितियों के दृष्टिगत जनपद में आवश्यक तैयारियों एवं सतर्कता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की । भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा 28 से 31 अक्टूबर के मध्य संभावित अतिवृष्टि/भारी वर्षा, वज्रपात एवं आंधी-तूफान के संबंध में येलो/अर्जेंट अलर्ट जारी किए जाने के दृष्टिगत बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहते हुए अपनी कार्ययोजना तैयार रखने तथा संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग अपने आवश्यक संसाधनों, उपकरणों, वाहनों एवं कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित रखें तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन एवं जिला आपदा नियंत्रण केंद्र को उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें तथा राजस्व टीमों को त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रखें। जर्जर भवनों एवं संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर मौसम संबंधी चेतावनियों का प्रचार-प्रसार करें तथा संवेदनशील परिवारों को सतर्क करें। जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति अथवा फसल क्षति की स्थिति में तत्काल स्थलीय आकलन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत सहायता प्रदान करने की तैयारी रखने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला चिकित्सालय में आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस तथा जीवनरक्षक औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया, ताकि वज्रपात, भवन क्षति अथवा पेड़ गिरने से घायल व्यक्तियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।पंचायती राज विभाग को ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत स्तर पर जलभराव संभावित क्षेत्रों, जर्जर भवनों एवं अन्य जोखिम वाले स्थलों की पहचान करने तथा गिरे हुए पेड़ों, अवरुद्ध संपर्क मार्गों एवं जलभराव की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर पंचायत भवनों एवं अन्य सुरक्षित सार्वजनिक भवनों को प्रभावित व्यक्तियों के अस्थायी आश्रय के लिए उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्युत विभाग को आंधी-तूफान के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित होने अथवा विद्युत लाइनों एवं खंभों को क्षति पहुंचने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए टीमें तैयार रखने के निर्देश दिए गए। विद्युत उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों एवं संवेदनशील विद्युत लाइनों की निगरानी करने तथा टूटे हुए तारों एवं क्षतिग्रस्त विद्युत खंभों से आमजन को दूर रखने के लिए आवश्यक चेतावनी एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। वन विभाग को तेज हवाओं के कारण पेड़ एवं डालियां गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने तथा सड़क मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए टीमों एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को जलभराव, सड़क क्षति अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल मरम्मत एवं आवागमन बहाली की व्यवस्था रखने तथा जेसीबी, श्रमिकों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।कृषि विभाग को किसानों को आंधी-तूफान, वज्रपात एवं भारी वर्षा से फसलों की सुरक्षा के संबंध में समय से आवश्यक सुझाव एवं एडवाइजरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। किसानों को आकाशीय बिजली के दौरान खेतों, खुले स्थानों एवं पेड़ों के नीचे न रहने तथा सुरक्षित स्थान पर आश्रय लेने के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया । शिक्षा विभाग को मौसम संबंधी चेतावनियों के दृष्टिगत विद्यालयों के संचालन के संबंध में शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों को मौसम संबंधी चेतावनियों से अवगत कराने तथा खराब मौसम के दौरान बच्चों को खुले मैदान एवं पेड़ों के नीचे जाने से रोकने के निर्देश दिए गए। विद्यालय परिसर में जलभराव अथवा भवन क्षति की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया।नगर विकास विभाग को नगरीय क्षेत्रों में जर्जर भवनों, कमजोर होर्डिंग, अस्थायी संरचनाओं एवं खतरनाक पेड़ों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने तथा नगर निकायों के वाहनों एवं सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से जनसामान्य को मौसम संबंधी चेतावनियों और बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग एवं डायल-112 को आपातकालीन सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने, संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने तथा सार्वजनिक उद्घोषणा वाहनों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया। साथ ही अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर निगरानी रखते हुए जनसामान्य तक सही एवं आधिकारिक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया । सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों एवं अन्य उपलब्ध माध्यमों से मौसम संबंधी चेतावनियों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। आमजन से अपील की गई कि किसी भी आपात स्थिति में अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आपसी समन्वय बनाए रखें। जनहानि, पशुहानि, भवन क्षति, मार्ग अवरोध अथवा विद्युत दुर्घटना से संबंधित किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी विभाग अपने स्तर पर की गई कार्रवाई की अनुपालन आख्या जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित संकलित सूचना प्रतिदिन सायं 04 बजे तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। डीएम ने स्पष्ट किया कि संभावित मौसमी आपदा के दृष्टिगत सभी संबंधित विभाग पूर्ण सतर्कता बनाए रखें। जनसामान्य की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राहत एवं बचाव संबंधी सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा सभी विभाग प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करें।

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