IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर
लखनऊ यूपी कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सेवा से दिया गया इस्तीफा मंजूर हो गया है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) की मंजूरी के बाद उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया। दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और भविष्य के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने का ऐलान किया था।इस्तीफा मंजूर होने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “मेरा IAS से त्यागपत्र स्वीकार हो गया है।” इसके साथ ही उन्होंने लिखा— “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।” उनके इस संदेश के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं।दिव्या मित्तल की कहानी सामान्य परिवार से निकलकर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने के संघर्ष की मिसाल मानी जाती है। उन्होंने कठिन मेहनत और लगन के दम पर देश के शीर्ष इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थानों में स्थान बनाया। इसके बाद उन्होंने विदेश में भी काम किया और लंदन में एक आरामदायक कॉरपोरेट करियर बनाया।हालांकि देश और समाज के लिए कुछ करने की इच्छा उन्हें वापस भारत ले आई। बताया जाता है कि विदेश में अच्छी नौकरी और सुविधाजनक जीवन होने के बावजूद उनके मन में यह भावना रही कि उन्हें जो अवसर और सफलता मिली, उसमें देश का बड़ा योगदान है। इसी सोच से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी स्थापित नौकरी छोड़कर UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और भारत लौट आईं।दिव्या मित्तल ने 2012 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 68वीं रैंक हासिल की। इसके बाद वह 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी बनीं। प्रशासनिक सेवा में करीब 13 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग जिलों और महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं।उन्होंने देवरिया, संतकबीरनगर और मिर्जापुर समेत कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम किया। अपने कार्यकाल के दौरान वह प्रशासनिक सक्रियता, जनसुनवाई और विकास कार्यों को लेकर चर्चा में रहीं। उनके काम करने के तरीके और सोशल मीडिया पर सक्रिय संवाद के कारण भी उनकी अलग पहचान बनी।दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए अपनी करीब 13 साल की सरकारी सेवा को स्वेच्छा से विराम देने का निर्णय लिया था। उन्होंने अपने फैसले के पीछे निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन में नए लक्ष्यों को प्रमुख वजह बताया।अब DoPT से इस्तीफा स्वीकार होने और 15 सितंबर से प्रभावी होने के बाद उनका आईएएस के रूप में प्रशासनिक सफर समाप्त हो गया है। उनके इस्तीफे के बाद यह सवाल भी चर्चा में है कि वह भविष्य में किस क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू करेंगी। हालांकि, उन्होंने फिलहाल अपने अगले कदम को लेकर कोई विस्तृत घोषणा नहीं की है।दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करते हैं। उनकी कहानी इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट से लेकर विदेश की नौकरी, फिर यूपीएससी की तैयारी और आईएएस अधिकारी बनने तक के असाधारण सफर को दर्शाती है।

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