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डीएम ने वृद्धाश्रम का किया निरीक्षण


सुल्तानपुर प्रधानमंत्री  के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान‘ के अंतर्गत जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने समाज कल्याण विभाग द्वारा पीपीपी मॉडल पर आधारित अनुदानित एवं स्वैच्छिक संस्था के माध्यम से संचालित आनंद भवन वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में 44 महिला एवं 68 पुरुष, कुल 112 वृद्धजन निवासरत पाए गए। जिलाधिकारी ने आश्रम में निवास कर रहे वृद्धजनों से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर उनका कुशल-क्षेम जाना तथा उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

। उन्होंने परमेश्वर शुक्ला, रामदेव, सिद्ध कुमार, राममिलन तिवारी, राम अकबाल, अलगू राम मौर्य, केवलपती, लक्ष्मी देवी, फूला, मीना देवी सहित अन्य वृद्धजनों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या एवं आश्रम में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।  इस अवसर पर जिलाधिकारी  की उपस्थिति में वृद्धजनों को लंच पैकेट एवं दीप वितरित किए गए। डीएम ने वृद्धजनों के साथ समय बिताते हुए उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने आश्रम परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने तथा वृद्धजनों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों एवं संस्था के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया ।वृद्धजनों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी  ने मौके से दूरभाष के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ‘सेवा संकल्प अभियान‘ के अंतर्गत प्रत्येक माह दो दिवस स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों के माध्यम से वृद्धजनों के स्वास्थ्य की नियमित जांच एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आश्रम में वृद्धजनों की सुविधा एवं व्यवस्थाओं के विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी  ने सोलर लाइट एवं आरओ प्लांट स्थापित कराने हेतु सहमति प्रदान की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आश्रम में निवासरत वृद्धजनों को बेहतर प्रकाश व्यवस्था एवं शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सके।निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी  ने आश्रम में उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वृद्धजनों की सेवा एवं सम्मान हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आश्रम में निवासरत वृद्धजनों की आवश्यकताओं का निरंतर ध्यान रखते हुए उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसका प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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