डीएम ने 100 शैय्यायुक्त विशेष चिकित्सालय बिरसिंहपुर का किया निरीक्षण
सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 भरत भूषण के साथ 100 शैय्यायुक्त विशेष चिकित्सालय, बिरसिंहपुर, विकास खण्ड जयसिंहपुर का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान डीएम ने चिकित्सालय में मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली चिकित्सा सुविधाओं एवं आवश्यक आधारभूत व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
उन्होंने चिकित्सालय में दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, बेड, डिस्पेन्सरी हॉल, एम.ओ. रूम, फार्मासिस्ट रूम तथा बेडेड वार्ड सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने ओपीडी कक्ष, इमरजेन्सी कक्ष, लेबर कक्ष, ऑफिस एरिया तथा स्टाफ आवास एरिया का भी निरीक्षण किया । उन्होंने निरीक्षण के दौरान आधारभूत सुविधाओं के साथ मैनपावर के क्षमता को बढ़ाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने सभागार में अधिकारियों व चिकित्सकों के साथ बैठक की । बैठक में चिकित्सको से चिकित्सालय को और बेहतर बनाये जाने हेतु फीडबैक लिया।
डीएम ने निर्देश दिये कि दूरस्थ अस्पताल होने के कारण यहां पर अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल हेतु आधारभूत सुविधाएं, जैसे- एक्स-रे मशीन, मानव संसाधन की कमी तथा साथ ही आवश्यक उपकरणों की सूची के साथ विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें, ताकि प्रस्ताव शासन को प्रेषित कर मांग की जा सके। चिकित्सकों द्वारा अवगत कराया गया कि 24 घण्टे इमरजेन्सी, 24 घण्टे प्रसव सेवा तथा ओपीडी प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों से चिकित्सालय में उपलब्ध संसाधनों एवं चिकित्सा सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं में शामिल हैं, इसलिए चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को समुचित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में साफ-सफाई, आवश्यक उपकरणों एवं दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों की सुविधा से संबंधित व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा चिकित्सालय की सभी व्यवस्थाएं सुचारु एवं क्रियाशील रखी जाएं।


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