डीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ की बैठक
सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में मिशन एम0एम0आर0 रिडक्शन अभियान के अंतर्गत जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता, जिला कम्युनिटी प्रक्रिया प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारीगण एवं जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से मिशन एम0एम0आर0 रिडक्शन के उद्देश्य, प्रगति एवं जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला की समय से पहचान एवं पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें गर्भावस्था के दौरान निर्धारित 6 ANC जांचों की सेवाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी महिलाओं को चिन्हित कर उनका समयबद्ध प्रबंधन किया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों पर रेफर करते हुए उपचार एवं निगरानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी CHOs को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक गर्भवती महिला के साथ व्यक्तिगत रूप से संवाद करते हुए उनकी बर्थ प्लानिंग कराएं। गर्भवती महिला एवं उसके परिवार को प्रसव की संभावित तिथि, प्रसव स्थल, आपात स्थिति में परिवहन की व्यवस्था तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी दी जाए। साथ ही प्रत्येक गर्भवती महिला को उसकी एवं गर्भस्थ शिशु की बेहतर सेहत के लिए पोषण संबंधी आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक बृहस्पतिवार को CHOs अपने-अपने स्वास्थ्य केन्द्र पर ANC क्लीनिक का व्यापक रूप से आयोजन करें, जिसमें अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आवश्यक परामर्श तथा जोखिम की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास की सभी गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अंतर्गत गुणवत्तापरक ANC सेवाओं से कम से कम एक बार अवश्य आच्छादित किया जाए। इसके लिए CHOs एवं संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें अभियान दिवस पर स्वास्थ्य केन्द्र तक लाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में जागरूक किया जाए और प्रसव के समय उन्हें उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव के उपरांत पात्र सभी महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ शत-प्रतिशत उपलब्ध कराया जाए। किसी भी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित न रहने दिया जाए तथा लाभार्थियों से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया समय से पूर्ण की जाए। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए तथा इन दिवसों पर अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी एवं परामर्श प्रदान किया जाए। गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता तथा गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जागरूक किया जाए।जिलाधिकारी ने किशोरियों एवं महिला समूहों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किशोरियों को स्वास्थ्य, पोषण एवं मातृ स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराना भविष्य में स्वस्थ मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने महिला समूहों को भी इन गतिविधियों से जोड़ते हुए उनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देने हेतु निर्देशित किया।

कोई टिप्पणी नहीं