ब्रेकिंग न्यूज

अवैध झटका मशीनों पर चला प्रशासन का डंडा, 64 स्थानों पर कार्रवाई

 

सुलतानपुर फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों के चारों ओर अवैध रूप से विद्युत करंट प्रवाहित करने वाली झटका मशीनें लगाए जाने के मामलों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इन मशीनों की चपेट में आकर इंसानों और पशुओं की मौत की घटनाओं के बाद जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने जिलेभर में इनके खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर सभी तहसीलों में राजस्व, पुलिस और विद्युत विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।अभियान के तहत उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी पुलिस के नेतृत्व में गठित टीमों ने विभिन्न गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर खेतों के आसपास लगाए गए विद्युत तारों तथा झटका मशीनों की जांच की। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से करंट प्रवाहित करने वाले विद्युत उपकरणों को मौके से हटवाने के साथ ही कई उपकरणों को सीज किया गया। अधिकारियों ने ऐसे स्थानों को भी चिह्नित किया, जहां भविष्य में दोबारा इस तरह की व्यवस्था किए जाने की आशंका है।अपर पुलिस अधीक्षक बृजनारायण सिंह ने बताया कि विगत दिनों जनपद में कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें लोगों द्वारा अपने खेतों के चारों तरफ विद्युत तार फैलाकर विद्युत उपकरणों के माध्यम से करंट प्रवाहित किया जा रहा था। इससे दुर्घटनाएं हुईं और जनहानि की स्थिति उत्पन्न हुई।उन्होंने बताया कि इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस और प्रशासन की ओर से विभिन्न तहसीलों में उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। टीमों ने गांवों में जाकर ऐसे स्थानों को चिह्नित किया, जहां खेतों के चारों ओर अवैध रूप से विद्युत करंट प्रवाहित किया जा रहा था। अभियान के दौरान कुल 64 स्थानों पर कार्रवाई की गई तथा इस तरह के विद्युत उपकरणों को सीज किया गया।अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अवैध विद्युत उपकरणों के विक्रेताओं को भी चिह्नित किया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई केवल खेतों में झटका मशीन लगाने वालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसे उपकरणों की बिक्री और आपूर्ति से जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कई किसान खेत की मेड़ के चारों ओर तार लगाकर उसमें विद्युत करंट प्रवाहित कर देते हैं। रात के समय खेतों की ओर जाने वाले ग्रामीणों, किसानों, बच्चों तथा पशुओं को इन तारों के संपर्क में आने का खतरा बना रहता है। कई मामलों में करंट की चपेट में आने से गंभीर हादसे और मौत तक हो चुकी है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फसल सुरक्षा के नाम पर इस तरह खुले तारों में करंट दौड़ाना न केवल बेहद खतरनाक है, बल्कि कानूनन भी गंभीर मामला है। ऐसी व्यवस्था के कारण किसी व्यक्ति या पशु की जान जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को किसी एक-दो स्थान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जिले की सभी तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जाए। टीमों को ऐसे स्थानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पहले झटका मशीनें या विद्युत तार पाए गए हैं, ताकि इन्हें दोबारा न लगाया जा सके।अपर पुलिस अधीक्षक बृजनारायण सिंह ने आम जनता से अपील की कि खेतों के चारों ओर तार फैलाकर किसी भी विद्युत उपकरण के माध्यम से करंट प्रवाहित न करें। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कार्य न किया जाए, जिससे किसी व्यक्ति या पशु के जीवन को खतरा उत्पन्न हो।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना सामने आती है तो इसे जानबूझकर किया गया कृत्य मानते हुए उसके संदर्भ में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जिला प्रशासन का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसल सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मानव एवं पशु जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए केवल सुरक्षित और वैध उपायों का ही इस्तेमाल करें।

कोई टिप्पणी नहीं