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दिव्यांग और अकेले रहने वाले बुजुर्गों को अब घर बैठे मिलेगा राशन


लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और अधिक संवेदनशील एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के दिव्यांग और अकेले रहने वाले बुजुर्ग राशनकार्ड धारकों को राशन लेने के लिए उचित दर की दुकान तक नहीं जाना पड़ेगा। ऐसे पात्र लाभार्थियों के घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था लागू की जाएगी।यह जानकारी बुधवार को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने लोकभवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल असहाय या शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण सरकारी खाद्यान्न से वंचित न रहे। इसी सोच के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लगातार तकनीकी सुधार और पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है।मंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित हो चुकी है। इसका परिणाम है कि लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंच रहा है और राशन न मिलने जैसी शिकायतों में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि अब ऐसी दुखद घटनाएं सामने नहीं आतीं, जिनमें राशन के अभाव में किसी परिवार को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़े।उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 से उचित दर की दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचने और वितरण की तिथि की जानकारी लाभार्थियों को एसएमएस के माध्यम से भेजी जा रही है। साथ ही भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के डिपो से राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने वाले वाहनों की जीपीएस के जरिए निगरानी की जा रही है, जिससे पूरी आपूर्ति व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।मंत्री ने बताया कि सरकार पात्र गृहस्थी योजना के तहत उपलब्ध 47 लाख रिक्त यूनिटों के सापेक्ष नए पात्र व्यक्तियों का चयन कर उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे में शामिल करेगी। इससे लाखों जरूरतमंद परिवारों को सस्ती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि राशन वितरण और खाद्यान्न खरीद से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-1800-150 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस नंबर पर दर्ज शिकायतों का निर्धारित समय में निस्तारण किया जाता है। इसके अलावा विभाग बड़े स्तर पर नया कॉल सेंटर स्थापित करने की तैयारी कर रहा है, जिससे शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ लाभार्थियों से योजनाओं पर सीधा फीडबैक भी लिया जा सकेगा।

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