शादी का रिश्ता कराने के नाम पर ऑनलाइन ठगी का बड़ा खेल बेनकाब, फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस का छापा
सहारनपुर में शादी के रिश्ते कराने के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना सदर बाजार और थाना साइबर क्राइम की संयुक्त टीम ने कोर्ट रोड स्थित गिल कॉलोनी में संचालित एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी सूरज मरावी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, मौके से मिली तीन युवतियों से पूछताछ के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी "Perfect Rishtey Proprietor" नाम से एक वेबसाइट संचालित करते थे। इस वेबसाइट के माध्यम से शादी के इच्छुक लोगों का डेटा जुटाकर उन्हें रिश्ता कराने का झांसा दिया जाता था। कॉल सेंटर में कार्यरत युवतियां संभावित ग्राहकों को फोन कर आकर्षक प्रस्ताव देती थीं और विश्वास में लेने के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल वेरिफिकेशन और अन्य शुल्क के नाम पर उनके खातों में पैसे ट्रांसफर करा लेती थीं।यदि कोई ग्राहक लड़की की फोटो या बातचीत की मांग करता था, तो आरोपी इंटरनेट से तस्वीरें डाउनलोड कर भेज देते थे और कार्यालय में काम करने वाली युवतियों से बात कराकर विश्वास दिलाते थे कि रिश्ता वास्तविक है। जैसे ही पीड़ित पैसे भेज देता, उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता और उससे सभी संपर्क समाप्त कर दिए जाते थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इस पूरे रैकेट में 8 से 9 युवतियां काम करती थीं। प्रत्येक युवती को अलग-अलग कीपैड मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए थे। लैपटॉप और मोबाइल फोन के जरिए उन्हें संभावित ग्राहकों का डेटा दिया जाता था, जिसके आधार पर वे लोगों से संपर्क कर ठगी की वारदात को अंजाम देती थीं।छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 16 कीपैड मोबाइल फोन, 3 एंड्रॉयड मोबाइल, एक लैपटॉप, 9 मॉनिटर, 7 सीपीयू, एक बायोमैट्रिक डिवाइस, एचडीएफसी बैंक के दो क्यूआर कोड, चेकबुक, मोहर, प्रिंटर, वाई-फाई डिवाइस, लैंडलाइन फोन सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।पुलिस बरामद उपकरणों और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम की धोखाधड़ी की गई। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। साइबर पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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