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बाराबंकी और गोरखपुर से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी पांच महीने से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में


लखनऊ यूपी  एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए बाराबंकी निवासी दानियाल अशरफ और कुशीनगर निवासी कृष्णा मिश्रा पिछले करीब पांच महीनों से पाकिस्तानी हैंडलर्स और आईएसआई एजेंटों के संपर्क में थे। जांच में यह खुलासा हुआ है कि दोनों को पाकिस्तान से रकम भी भेजी गई थी। एटीएस अब सोशल मीडिया और बैंकिंग ट्रांजेक्शन से जुड़े सबूतों की गहन पड़ताल कर रही है।यूपी एटीएस ने बुधवार को बताया था कि दोनों आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी और अन्य आईएसआई एजेंटों के संपर्क में थे। उनके निर्देश पर दोनों रक्षा प्रतिष्ठानों समेत कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर रहे थे। साथ ही वर्दीधारी जवानों की हत्या की साजिश भी रची जा रही थी।

खातों में मिले पैसों के लेनदेन के सबूत

जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। रकम भले ही कम हो, लेकिन प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पैसा पाकिस्तानी हैंडलर्स की ओर से भेजा गया था। एटीएस अब इन ट्रांजेक्शनों के स्रोत और नेटवर्क की पड़ताल कर रही है

सोनीपत और ज्वैलरी शॉप में करते थे काम

पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कृष्णा मिश्रा हरियाणा के सोनीपत में एक जींस की दुकान पर काम करता था, जबकि दानियाल अशरफ एक ज्वैलरी शॉप में कर्मचारी था। यूपी एटीएस का मानना है कि दोनों लंबे समय से कट्टरपंथी और देश विरोधी गतिविधियों से प्रभावित थे।

हथियार सप्लाई और टारगेट्स की तलाश में जुटी यूपी एटीएस

यूपी एटीएस जल्द ही दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को हथियार किसने उपलब्ध कराए और उनके निशाने पर कौन-कौन लोग या संस्थान थे।

सौ से अधिक युवाओं को भेजे देश विरोधी वीडियो और मैसेज

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए सौ से अधिक युवाओं को देश विरोधी वीडियो, भड़काऊ सामग्री और संदेश भेजे थे। यूपी एटीएस अब उन लोगों की पहचान और गतिविधियों की भी जांच कर रही है जो इन दोनों के संपर्क में थे।

सोशल मीडिया नेटवर्क की तस्दीक जारी

यूपी एटीएस डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों की मदद से पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।

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