कादीपुर तहसील में डीएम की सख्ती, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
सुलतानपुर शासन की मंशा के अनुरूप जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने विकास खंड कादीपुर सभागार में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) गौरव शुक्ला, उप जिलाधिकारी मंजुल मयंक तथा तहसील एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जनहित से जुड़े मामलों में तेजी और पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए और सभी कर्मचारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए सत्यनिष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय पैरामीटरों पर जनपद को प्रदेश के टॉप-5 जिलों में लाना उनकी प्राथमिकता है।आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) गौरव शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को पूर्व सूचना देकर मौके पर पहुंचकर वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी आईजीआरएस मामलों में एक माह के भीतर फीडबैक लिया जाएगा, इसलिए शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।जिलाधिकारी ने अंश निर्धारण के लंबित मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि तहसील कादीपुर में लगभग 70 हजार प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिया कि अंश निर्धारण और फार्मर रजिस्ट्री का कार्य समानांतर रूप से तेजी से पूरा किया जाए तथा किसी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।धारा-24 के लंबित मामलों की समीक्षा में कादीपुर तहसील में 442 मुकदमे लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और सभी लंबित मामलों को शीघ्र कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्तमान बैठक चेतावनी स्वरूप है, अगली समीक्षा में लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में एसडीएम कादीपुर को निर्विवाद वरासत, नामांतरण, खसरा एवं अन्य राजस्व मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन लाभार्थियों को आवास आवंटित हो चुका है लेकिन कब्जा नहीं मिला है, ऐसे मामलों का तत्काल समाधान करने को कहा गया।आपदा राहत एवं कृषक दुर्घटना योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं गौशालाओं की समीक्षा के दौरान चारा, पानी और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।सरकारी भूमि विवादों पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यदि सरकारी भूमि को लेकर किसी प्रकार का विवाद या संघर्ष हो तो उसकी तत्काल रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने धारा-9, आय-जाति प्रमाण पत्र, नामांकन, धारा-54 सहित अन्य राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एनआरएलएम, स्वच्छता मिशन, मनरेगा तथा ग्राम स्तर पर साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान कमी मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को अपनी व्यक्तिगत समस्याएं भी निःसंकोच साझा करने के लिए प्रेरित किया तथा ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संदेश दिया।बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल सहित तहसील एवं ब्लॉक स्तर के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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