ब्रेकिंग न्यूज

लखपति दीदी योजना से महिलाओं को मिलेगा आर्थिक संबल, बिना ब्याज एक लाख तक का लोन


लखनऊ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लखपति दीदी योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित इस पहल में महिलाओं को पारंपरिक कामों से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीक, व्यवसाय और स्वरोजगार के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।योजना के माध्यम से गांवों और कस्बों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों  के जरिए संगठित किया जाता है। महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, कृषि तकनीक, डेयरी, हैंडीक्राफ्ट, एलईडी बल्ब निर्माण, सोलर पैनल से जुड़े कार्य, डिजिटल बैंकिंग तथा ड्रोन संचालन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर आय के नए साधन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी पात्र महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता को चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की व्यवस्था बताई गई है। पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। पहली किस्त को निर्धारित समय पर चुकाने वाली महिलाएं अगली किस्त के लिए पात्र हो सकती हैं।इसके बाद दूसरी किस्त में 30 हजार रुपये और तीसरी तथा अंतिम किस्त में 50 हजार रुपये तक की राशि उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान बताया गया है। इस प्रकार तीनों चरणों को मिलाकर कुल एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।योजना का उद्देश्य केवल महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवसाय चलाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना भी है। महिलाओं को ड्रोन पायलट एवं ड्रोन मैकेनिक, कृषि तकनीक, सोलर पैनल, एलईडी बल्ब निर्माण, डेयरी और हस्तशिल्प जैसे आधुनिक एवं आयवर्धक कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा सकता है।इसके साथ ही महिलाओं को डिजिटल भुगतान, बैंक खाता संचालन, कारोबार प्रबंधन और बाजार से जुड़ने की जानकारी भी दी जाती है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार किए गए उत्पादों को बड़े बाजारों, सरकारी आउटलेट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने अथवा पहले से चल रहे व्यवसाय का विस्तार करने के लिए समूह और व्यक्तिगत स्तर पर अधिक वित्तीय सहायता से जोड़ने की व्यवस्था भी बताई गई है। इसके तहत पात्रता और संबंधित नियमों के अनुसार एक लाख से पांच लाख रुपये तक का कम या शून्य ब्याज दर वाला ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो सकती है।योजना का लाभ मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक रूप से कमजोर एवं स्वरोजगार की इच्छुक महिलाओं को लक्षित करता है। उपलब्ध विवरण के अनुसार एससी, एसटी, अति पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है।उत्तर प्रदेश में आवेदन के लिए महिला का राज्य की स्थायी निवासी होना, 18 से 55 वर्ष की आयु के बीच होना और स्थानीय स्वयं सहायता समूह की सदस्य होना आवश्यक बताया गया है। परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।इसके अलावा ऐसे परिवार जिनमें कोई सदस्य सरकारी सेवा में है अथवा आयकरदाता है, उनके संबंध में योजना की पात्रता प्रभावित हो सकती है। पात्रता की अंतिम पुष्टि संबंधित विभाग/स्वयं सहायता समूह द्वारा लागू नियमों के अनुसार की जानी चाहिए।योजना का लाभ लेने के लिए महिला के पास सामान्यतः निम्न दस्तावेज होने चाहिए—पहचान पत्र,निवास प्रमाण पत्र,आय प्रमाण पत्र,बैंक पासबुक,स्वयं सहायता समूह की सदस्यता का विवरण,पासपोर्ट साइज फोटो,मोबाइल नंबर

कोई टिप्पणी नहीं