बजट में यूपी पंचायतों को बड़ा तोहफा
प्रत्येक विधानसभा में बनेगा उत्सव भवन
सरकार ने प्रदेश की हर विधानसभा क्षेत्र में उत्सव भवन निर्माण की घोषणा की है। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन भवनों में सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह, सामूहिक कार्यक्रम, प्रशिक्षण शिविर और सांस्कृतिक आयोजन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीण सामाजिक जीवन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 2,823 करोड़
ग्रामीण स्वच्छता को सुदृढ़ करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण हेतु 2,823 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से—
व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों का निर्माण,
ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन व्यवस्था,
गांवों में साफ-सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन ढांचा मजबूत किया जाएगा।सरकार का लक्ष्य गांवों को खुले में शौच से मुक्त रखने के साथ-साथ स्थायी स्वच्छता मॉडल विकसित करना है, जिससे ग्रामीणों को स्वस्थ वातावरण मिल सके।
हर ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी
डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए हर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके लिए 454 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
इन लाइब्रेरियों में—
ई-बुक्स,
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सामग्री,
शैक्षणिक व करियर मार्गदर्शन से जुड़ी डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।इस पहल से ग्रामीण युवाओं को शहरों की तरह डिजिटल संसाधनों की सुविधा मिलेगी और शिक्षा व रोजगार के अवसरों में समानता बढ़ेगी।
खेल और स्वास्थ्य पर जोर
ग्रामीण युवाओं को खेल और फिटनेस की ओर प्रोत्साहित करने के लिए गांवों में स्टेडियम और ओपन जिम स्थापित किए जाएंगे। इस मद में 130 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर अभ्यास की सुविधा मिल सकेगी।
पंचायत भवनों का निर्माण
ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,000 बहुद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण हेतु 57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये भवन पंचायत बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए उपयोगी साबित होंगे।
ग्रामीण विकास को नई दिशा
सरकार का कहना है कि बढ़ा हुआ बजट केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, डिजिटल पहुंच, सामाजिक एकता, खेल और प्रशासनिक मजबूती को एक साथ आगे बढ़ाना है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया तो यह बजट बढ़ोतरी प्रदेश के ग्रामीण परिदृश्य में व्यापक बदलाव ला सकती है।ग्रामीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह बजट गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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